उत्तर प्रदेशबस्तीलखनऊ

।। गांजा तस्कर को 15 वर्ष और तीन सहयोगियों को 10-10 वर्ष की कैद।।

।। अरुणाचल प्रदेश से 1.30 क्विंटल गांजा लाकर बेचने वाले चार तस्करों को सजा सुनाई।।

अजीत मिश्रा (खोजी)

07 दिसंबर 25, उत्तर प्रदेश।

बस्ती। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश विजय कुमार कटियार ने 13 मई को गिरफ्तार किए गए अरुणाचल प्रदेश से 1.30 क्विंटल गांजा लाकर बेचने वाले चार तस्करों को सजा सुनाई है। मुख्य आरोपी दोषी सूरज को 15 वर्ष कठोर कारावास और तीन लाख रुपये अर्थदंड अदा करने का हुक्म दिया है। तीन सहयोगियों को 10-10 वर्ष कठोर कैद व दो-दो लाख रुपये अर्थदंड अदा करना होगा।

एक कुंटल 30 किलो गांजा बरामदगी मामले में न्यायालय का बड़ा फैसला। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय, बस्ती ने चार आरोपितों को दिया दोषी करार।

🔥 सूरज चौधरी को 15 साल की सजा के साथ लगाया तीन लाख का जुर्माना।

तो वहीं तीन अन्य आरोपित शाहिद अली, हनुमान यादव और श्याम राज को 10-10 साल की सजा। साथ ही साथ अदालत ने तीनों पर दो – दो लाख का लगाया अर्थदंड। पुलिस ने 13 मई 2025 को महादेवा चौराहा के पास चेकिंग के दौरान की थी कार्रवाई। मुखबिर की सूचना पर ईंट भट्ठे के पास छापेमारी कर चारों को किया गया था गिरफ्तार। आरोपितों के पास से 1 कुंटल 30 किलो गांजा व 95,000 नकद और अवैध हथियार हुए थे बरामद। हनुमान यादव ने बताया कि वह उड़ीसा से गांजा लाकर सूरज और शाहिद को करता था सप्लाई। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने कठोर कारावास की सुनाई सजा।

अभियोजन के अनुसार लालगंज थाने की पुलिस ने 13 मई 2025 को स्वाट टीम के साथ छापा मारकर लालगंज थानाक्षेत्र के शोभनपार ईंट-भट्ठे के पास दबिश देकर ट्रक व कार में छिपाए 105 पैकेट में करीब एक क्विंटल 30 किलोगांजा, एक कार, पिस्टल, करीब एक लाख रुपये नकदी बरामद किया था। वहां से शोभनपार निवासी सूरज चौधरी व शाहिद अली, जौनपुर जिले के खुटहन थानाक्षेत्र के निरंजनपुर निवासी हनुमान यादव और चंदौली जिले के धानापुर थानाक्षेत्र के तोरवा गांव निवासी श्याम राज को गिरफ्तार किए गए थे।

जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े बहुचर्चित एक कुंटल 30 किलो गांजा बरामदगी मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने गुरुवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने मामले में चार आरोपितों को दोषी करार देते हुए लंबी अवधि की कठोर सजा सुनाई है। मामले में मुख्य आरोपित सूरज चौधरी को अदालत ने 15 वर्ष का कठोर कारावास और तीन लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। वहीं अन्य तीन आरोपित—शाहिद अली, हनुमान यादव और श्यामराज—को दस-दस वर्ष के कठोर कारावास के साथ दो-दो लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। यह कार्रवाई 13 मई 2025 को उस समय सामने आई थी, जब पुलिस ने महादेवा चौराहा के पास चेकिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर ईंट भट्ठे के नजदीक छापेमारी की थी। मौके से चारों आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से एक कुंटल 30 किलो गांजा, 95,000 रुपये नकद और एक अवैध हथियार भी बरामद किया था। जांच के दौरान हनुमान यादव ने स्वीकार किया था कि वह उड़ीसा से गांजा लाता था और सूरज चौधरी व शाहिद अली को सप्लाई करता था। पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, बरामदगी और बयानबाजी के आधार पर अदालत ने इसे संगठित मादक पदार्थ तस्करी का गंभीर मामला मानते हुए कठोर दंड का प्रावधान किया।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने कहा कि इस तरह की तस्करी न सिर्फ समाज को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि युवाओं को नशे की ओर धकेलने का बड़ा कारण भी बनती है। इसी आधार पर अदालत ने कड़ी सजा देने का निर्णय लिया। यह फैसला जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है और पुलिस इसे अपनी बड़ी सफलता बता रही है।

पुलिस ने तफ्तीश के बाद चारों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। जिसमें विवेचक ने बताया कि चारों अरुणाचल प्रदेश से गांजा लाकर बिचौलियों के माध्यम से बेचते हैं। न्यायालय ने गवाहों के बयान और साक्ष्यों के मद्देनजर न्यायालय ने चारों को कठोर कारावास की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर सूरज को दो वर्ष और अन्य तीनों को 18-18 महीने अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

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