

इस विषय पर हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अरुण गोविल ने लोकसभा में यह मांग उठाई थी।उन्होंने अपनी मांग में मक्का और मदीना का ही उदाहरण दिया था।
सांसद अरुण गोविल के बयान का सार:
- मांग: उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि देश भर की मस्जिदों और मदरसों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य करने के लिए एक समान राष्ट्रीय सुरक्षा नीति बनाई जाए।
- तर्क: उन्होंने कहा कि जब मंदिर, चर्च, गुरुद्वारे, स्कूल, कॉलेज और यहां तक कि सऊदी अरब के पवित्र स्थल मक्का और मदीना में भी सुरक्षा के लिए सीसीटीवी लगे हैं, तो भारत की मस्जिदों और मदरसों में क्यों नहीं लग सकते।
- कारण: उन्होंने जोर देकर कहा कि मस्जिदें और मदरसे भी बड़े सार्वजनिक और सामुदायिक स्थल हैं, जहां सुरक्षा सुनिश्चित करना उतना ही आवश्यक है जितना कि अन्य स्थानों पर, और यह कदम राष्ट्र के 140 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा के हित में होगा। उन्होंने तर्क दिया कि सुरक्षा न तो धार्मिक होती है और न ही पक्षपाती; यह हमेशा राष्ट्रहित और मानव हित में होती है।








