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नागल (सहारनपुर)। निकासी के पानी को लेकर दो गांव आमने-सामने, तनाव की स्थिति;

नायब तहसीलदार और पुलिस की सूझबूझ से टला बड़ा विवाद, अस्थाई समाधान कराया गया

नागल (सहारनपुर)। निकासी के पानी को लेकर दो गांव आमने-सामने, तनाव की स्थिति; नायब तहसीलदार और पुलिस की सूझबूझ से टला बड़ा विवाद, अस्थाई समाधान कराया गया

नागल (सहारनपुर)। निकासी के पानी को लेकर रविवार सुबह क्षेत्र के खटोली और नगली मेहनाज गांव के ग्रामीणों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों गांव आमने-सामने आ गए। स्थिति तनावपूर्ण होती देख मौके पर पुलिस बल के साथ थानाध्यक्ष राजकुमार चौहान पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता कर स्थिति को नियंत्रित किया।

मामला तब बिगड़ा जब खटोली गांव के कुछ ग्रामीणों द्वारा नगली मेहनाज गांव के निकासी के पानी का रास्ता बंद कर दिया गया, जिससे गंदा पानी वापस नगली मेहनाज गांव की गलियों और घरों में घुसने लगा। इससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और दोनों गांवों के लोग आमने-सामने आ गए।

सूचना मिलते ही राजस्व टीम के साथ नायब तहसीलदार मोनिका चौहान भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने मौके का निरीक्षण कर दोनों पक्षों की बात सुनी और ग्रामीणों की सहमति से अस्थाई समाधान कराया।

नगली मेहनाज के प्रधान प्रतिनिधि सुंदरलाल, पूर्व प्रधान नरेश चौधरी, बिरम सिंह, मास्टर महिपाल, सुशील, काला, सुखबीर, करणपाल, नीटू, हरिया आदि ग्रामीणों का कहना है कि पिछले लगभग चार दशकों से उनके गांव का निकासी का पानी दोनों गांवों के बीच स्थित बुगली नामक तालाब में जाता रहा है। आरोप लगाया गया कि हाल ही में नाले में कई स्थानों पर बंध बना दिए गए, जिससे गंदा पानी वापस गांव में भरने लगा। ग्रामीणों ने कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए पानी रोकना पूरी तरह गलत है।

वहीं दूसरी ओर खटोली गांव के प्रधान प्रतिनिधि शक्ति सिंह का कहना है कि बुगली तालाब का सौंदर्यकरण कार्य चल रहा है, इसी कारण अस्थाई रूप से पानी रोका गया था। उन्होंने कहा कि नगली मेहनाज गांव में पहले से ही कई तालाब मौजूद हैं और गांव को अपने निकासी के पानी को अपने ही तालाबों में डाइवर्ट करना चाहिए।

गांव में बढ़ते तनाव को देखते हुए नायब तहसीलदार मोनिका चौहान और थानाध्यक्ष राजकुमार चौहान ने दोनों पक्षों को एक साथ बैठाकर समझाइश की। प्रशासन की पहल पर पूर्व प्रधान नरेश चौधरी के खेत में खड्डा खुदवाकर निकासी के पानी की वैकल्पिक अस्थाई व्यवस्था कराई गई।

नायब तहसीलदार ने बताया कि तीन दिनों के भीतर तालाब का सौंदर्यकरण कार्य पूरा हो जाएगा, जिसके बाद निकासी का पानी पुनः उसी तालाब में खोल दिया जाएगा। प्रशासनिक हस्तक्षेप से दोनों गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है।

प्रशासन की तत्परता और सूझबूझ से एक बड़ा ग्रामीण विवाद टल गया, अन्यथा स्थिति गंभीर रूप ले सकती थी।


🔥 रिपोर्ट: एलिक सिंह
✍️ संपादक: Vande Bharat Live TV News
🗞️ ब्यूरो चीफ: दैनिक आकांशा बुलेटिन, सहारनपुर
📞 संपर्क: 8217554083

🟥 जहाँ विवाद हो, वहाँ समाधान तक पहुँचाने वाली रिपोर्ट

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