
धनबाद : नगर निगम मेयर सीट अनारक्षित किये जाने के खिलाफ दलित संगठन गोलबंद हुए तय कार्यक्रम में अनुसार भारी संख्या दलित अधिकार रैली का आयोजन किया गया है. जिसमे धनबाद के समस्त दलित संगठन के लोग रैली में भाग लिया। धनबाद के समाजसेवी शांतनु चंद्रा उर्फ बबलू पासवान ने नवंबर 2025 में झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। याचिका में राज्य सरकार के उस निर्णय को चुनौती दी गई है, जिसके तहत नगर निगमों में मेयर पद को दो वर्गों-क और ख-में विभाजित किया गया है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार धनबाद में अनुसूचित जाति की आबादी लगभग दो लाख है। ऐसे में यहां मेयर का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होना चाहिए था, लेकिन राज्य सरकार ने धनबाद में मेयर का पद अनारक्षित कर दिया। उन्होंने इसे समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताया हालांकि न्यायालय में इस मामले पर फैसला सुरक्षित है उन्हें विश्वास है है कि न्यायालय से उन्हें इंसाफ मिलेगा। राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा की यदी सरकार दलित विरोधी कार्य करती है तो आने वाले समय में दलील समाज इसका जबाब देगा









