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आचार्य किशोरी दास वाजपेयी को मरणोपरांत पद्मश्री देने कि मांग

  1. विजय कुमार बंसल ब्यूरो चीफ हरिद्वार IMG 20260123 WA0068 IMG 20260123 WA0071

आचार्य किशोरी दास वाजपेयी को मरणोपरांत पद्मश्री देने कि मांग

हरिद्वार। प्रेस क्लब हरिद्वार ने हिंदी के पाणिनि आचार्य किशोरी दास बाजपेई जी की जयंती पर श्री वाजपेई जी को मरणोपरांत पदम श्री देने की मांग की। इस अवसर पर कनखल चौक बाजार तथा प्रेस क्लब में स्थापित आचार्य किशोरी दास वाजपेई जी की मूर्ति पर प्रेस क्लब अध्यक्ष तथा सभी सदस्यों द्वारा माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर प्रेस क्लब हरिद्वार में एक गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने की तथा गोष्ठी का संचालन प्रेस क्लब सदस्य प्रदीप गर्ग ने किया।
गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने वाजपेई जी को स्मरण करते हुए कहा कि शब्द अनुशासन से श्री वाजपेई जी ने हिंदी व्याकरण को पूर्णता प्रदान की। हिंदी पत्रकारों के लिए वह एक प्रकाश स्तंभ की तरह है, हमें उनके दिखाये कदमों पर चलना चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार श्री सुनील दत्त पांडे ने आचार्य किशोरी दास वाजपेई जी के साथ बिताए हुए अमूल्य पलों को स्मरण कर उन्हें साथी सदस्यों के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि स्वाभिमान की मूर्ति और मां सरस्वती के साधनक आचार्य किशोरी दास वाजपेई जी एक सह्रदय शख्सियत थे। उन्होंने गोष्ठी में सरकार से श्री आचार्य वाजपेई को मरणोपरांत पद्मश्री देने की मांग की। श्री रजनीकांत शुक्ला ने आचार्य वाजपेई जी के कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की वे स्वाधीनता सेनानी थे तथा जब उनका अध्ययन पूरा हुआ तो अंग्रेजी राज में उन्होंने जनरल डायर के हाथों से डिग्री लेना स्वीकार नहीं किया। यह उनका स्वाभिमान ही था कि 1977 में हिंदी के शीर्ष सम्मेलन में उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने उनके पास जाकर उनको सम्मान भेंट किया था। संजय आर्य व श्री बृजेन्द्र हर्ष ने उनके शब्द अनुशासन ग्रंथ पर चर्चा करते हुए इसे हिंदी पत्रकारों के लिए मील का पत्थर बताया। प्रेस क्लब सदस्य श्री दुष्यंत कुमार, संदीप शर्मा, श्री महेश पारीक, श्री नरेश शैली, श्री दीपक नौटियाल,श्री प्रदीप गर्ग, श्री काशीराम सैनी, तनवीर अली आदि ने भी गोष्ठी में अपने विचार रखें। गोष्ठी में सदन ने मिलकर तय किया कि प्रेस क्लब एक प्रस्ताव तैयार कर सरकार से मांग करेगा कि वह हिंदी के पाणिनि श्री वाजपेई जी को मरणोपरांत पद्मश्री प्रदान करें। प्रेस क्लब हरिद्वार ही देश में एकमात्र संस्था है जिन्होंने आचार्य बाजपेई जी की जयंती और निर्वाण दिवस मनाती चली आ रही है। प्रेस क्लब हरिद्वार के अथक प्रयासों से ही उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में आचार्य की आचार्य किशोरदास बाजपेई शोधपीठ की स्थापना हुई।

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