
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। बस्ती: सलटौवा गोपालपुर में गुंडाराज या ‘पलायन’ की साजिश? कसौधन परिवार पर हमले से दहला इलाका।।
शनिवार 24 जनवरी 26, उत्तर प्रदेश।
बस्ती।। जनपद के थाना क्षेत्र अंतर्गत सलटौवा गोपालपुर से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक विशेष समुदाय के दबंगों द्वारा कसौधन समाज के एक हिंदू परिवार के घर में घुसकर न केवल मारपीट की गई, बल्कि पूरे परिवार को आतंकित किया गया। आरोप है कि यह कोई छिटपुट घटना नहीं, बल्कि हिंदुओं को क्षेत्र से भगाने की एक सुनियोजित कड़ी है।

⭐दहशत के साये में हिंदू परिवार
पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमलावर पूर्व में भी इसी तरह की हिंसक वारदातों को अंजाम देकर दो-तीन हिंदू परिवारों को गाँव छोड़ने पर मजबूर कर चुके हैं। स्थानीय लोगों में यह चर्चा आम है कि यदि शासन-प्रशासन ने समय रहते कड़ा रुख नहीं अपनाया, तो बचे-खुचे परिवार भी पलायन को मजबूर हो जाएंगे। क्या उत्तर प्रदेश में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का खौफ इन जिहादी मानसिकता वाले उपद्रवियों में खत्म हो गया है?
⭐पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
घटना के बाद से स्थानीय पुलिस की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। हिंदू संगठनों का स्पष्ट कहना है कि अगर पुलिस मामले को गंभीरता से लेकर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई नहीं करती है, तो यह माना जाएगा कि प्रशासन मूकदर्शक बनकर अराजकता को बढ़ावा दे रहा है।
⭐संगठनों की चेतावनी: “धैर्य की परीक्षा न ले प्रशासन”
प्रखर हिंदूवादी नेता अखिलेश सिंह ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए प्रशासन को दो-टूक चेतावनी दी है। उन्होंने कहा:
“अगर स्थानीय पुलिस ने इन जिहादी तत्वों को समय रहते ठीक नहीं किया, तो हिंदू संगठनों को अच्छी तरह पता है कि अपनी रक्षा कैसे की जाती है और ऐसे तत्वों को कैसे सुधारना है। हम किसी भी हिंदू परिवार का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
मुख्य मांगें:
👉 दोषियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो।
👉 पीड़ित परिवार को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
👉 पूर्व में हुए पलायन के मामलों की उच्च स्तरीय जांच हो।










