
वंदेभारतलाइवटीव न्युज, बुधवार 04 फरवरी 2026
====; प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार मेरिलबोन-एमसीषी किक्रेट क्लब ने किक्रेट के 73 नियम बदल दिए हैं। इनमे टेस्ट मैच के दौरान दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर पूरा ओवर को खेलना अनिवार्य करना शामिल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार डेड बॉल, ओवर थ्रो, बाउंड्री पर लेने वाले कैच, विकेटकीपर की पोजीशन, जैसे नियमों को बदल दिया गया है। लेमिनेटेड बैट को सशर्त मंजूरी प्रदान की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार किक्रेट के यह सभी बदले हुए नियमों आगामी 01 अक्टूबर 2026 से लागू किए जायेंगे। अभी टेस्ट मैच में दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर खेल को वहीं पर ही समाप्त कर दिया जाता है, तुरंत नया बैट्समैन मैदान मे नहीं उतरता है। अब इन नये नियमों के अनुसार बैटिंग करने वाली टीम को तुरंत नया बैट्समैन को खेलने के लिए भेजना होगा, मतलब है कि खेल जारी रखना होगा। एमसीसी ने अपनी बेवसाइट पर यह बतलाया कि टेस्ट मैचों में दिन का आखिरी ओवर अब हर हाल में पूरा कराया जायेगा। एमसीसी ने कहा कि यह अनुचित माना गया कि यदि दिन के आखिरी ओवर में गेंदबाजी कर रही टीम विकेट लेती है तो बल्लेबाजी करने वाली टीम को नया बल्लेबाज भेजने की जरूरत नही होती ।एमसीसी ने बयान मे यह भी कहा कि इससे समय की बचत भी नही होती है और बची हुई गेंदे अगले दिन पूरी भी करनी पड़ती है। इससे नया बल्लेबाज मुश्किल मे पड़ जाता है और खेल का रोमांच भी खत्म हो जाता है। नये नियम के अनुसार यदि परिस्थितियां बराबर रही तो मैच का अंतिम ओवर पूरा किया जायेगा, भले ही इस दौरान विकेट गिर जाए। एमसीसी ने ओवर थ्रो और मिस फिल्ड के मध्य अंतर को भी स्पष्ट कर दिया है। अबसे ओवर थ्रो केवल तभी माना जायेगा जब कोई फील्डर विकेट पर गेंद को फेंकता है और वह गेंद आगे की ओर निकल जाती है। यदि फील्डर बाउंड्री के पास गेंद को रोकने की कोशिश करता है और गेंद हाथ से निकलकर चली जाती है तो उसे ओवर थ्रो नही बल्कि मीस फील्ड कहा जायेगा। अब डेड बॉल के जरूरी नही होगा कि गेंद गेंदबाज या विकेटकीपर के हाथ मे ही हो। यदि किसी भी फील्डर के पास गेंद आ गई हो और या फिर मैदान पर रूक गई हो और अंपायर को यह लगे कि अब बल्लेबाज रन नही ले सकता है तो वह गेंद डेड बॉल घोषित कर सकता है। हिट विकेट को लेकर भी कन्फ्यूजन को दूर कर दिया गया है। अब यह समझने में परेशानी नही होगी कि बल्लेबाज कब हिट विकेट आउट माना जायेगा और कब नही माना जायेगा। यदि बल्लेबाज शॉट खेलने के बाद लड़खड़ा जाता है और अपना संतुलन नही बना पाता है तो वह आउट होगा। यदि बल्लेबाज का किसी फील्डर से टकराव हो जाता है और वह उसी कारण से स्टंप पर गिरता है तो उसे हीट विकेट आउट नही दिया जायेगा। यदि बल्लेबाज के हाथ से बल्ला छूटकर सीधे स्टंप पर लग जाता है तो वह आउट माना जायेगा। यदि बल्ला पहले विकेटकीपर या फिर किसी फील्डर को छूता है और फिर स्टंप से लगता है तो भी बल्लेबाज आउट माना जायेगा। जानकारी अनुसार एमसीसी ने मौजूदा और पूर्व महिला खिलाडियों से सलाह लेकर जूनियर और महिला किक्रेट मे इस्तेमाल होने वाली गेंदो के लिए भी नये नियम बनाए हैं। अब गेंदो को तीन साइजों मे बांटा गया है- साइज1 वही गेंद है जो अबतक पुरुष किक्रेट मे इस्तेमाल होता आया है इसमे कोई बदलाव नही किया गया। साइज2- यह गेंद महिला किक्रेट और बड़े उम्र के जूनियर खिलाड़ियों के लिए तय की गई है। यह साइज1 से थोड़ी बड़ी और हल्की छोटी होती है। साइज3- यह गेंद छोटे उम्र के जूनियर खिलाड़ियों के लिए होती है। यह तीनो गेंदो मे सबसे छोटी और हल्की गेंद है जो कि बचचों को गेंद संभालने और खेलने मे मदद होती है। बैट की बढ़ती हुई कीमतों को ध्यान मे रखते हुए एमसीसी ने ओपन एज किक्रेट मे लेमिनेटेड बैट को मंजूरी दी है हलाॅकि टॉप लेवल किक्रेट मे अभी भी पारंपरिक बैट ही चलाए जायेंगे।



