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सतना में देशभक्ति का ज्वार: चार वीर सपूतों का ऐतिहासिक स्वागत, बना जन-उत्सव का अद्भुत दृश्य

IMG 20260402 WA0004सतना : चंद्रशेखर आज़ाद पूर्व सैनिक संगठन, सतना के उपाध्यक्ष श्री मनोज कुमार मिश्रा (सेवानिवृत्त) ने जानकारी देते हुए बताया कि आज सतना रेलवे स्टेशन पर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरे शहर को देशभक्ति, गौरव और सम्मान की भावना से सराबोर कर दिया।
भारतीय सेना से 31 मार्च 2026 को गौरवपूर्ण सेवा पूर्ण कर लौटे चार वीर सैनिक—हवलदार बृजेश सिंह (स्पेशल फोर्स पैरा कमांडो), हवलदार जितेंद्र तिवारी (EME), हवलदार उमलेश तिवारी (EME) एवं हवलदार आर. नामदेव (ASC)—का एक साथ आगमन हुआ, जिसे ऐतिहासिक और अविस्मरणीय पल में बदल दिया गया।
रेलवे स्टेशन पर 100 से अधिक पूर्व सैनिकों, परिजनों एवं नागरिकों की भारी भीड़ ने फूल-मालाएं, चंदन तिलक, अक्षत, कलश, उपहार, बैंड-बाजा, ढोल-नगाड़ों और खुली जीप के साथ अपने वीर सपूतों का ऐसा स्वागत किया, मानो पूरा सतना एक उत्सव में बदल गया हो।
जैसे ही चारों वीर सपूत स्टेशन पर पहुंचे, ढोल-नगाड़ों की गूंज, जयघोष, नृत्य और आरती के साथ उनका भव्य अभिनंदन किया गया। यह नजारा इतना भव्य और भावुक था कि वहां मौजूद यात्रियों की भीड़ तालियों से गूंज उठी और हर कोई इस अद्भुत सम्मान का साक्षी बनकर गर्व महसूस करने लगा।
इस गरिमामय अवसर पर संगठन के संरक्षक एवं पदाधिकारी—अध्यक्ष श्री सुनील सिंह परिहार, संरक्षक श्री सुरेश प्रताप सिंह (जाखी), उपाध्यक्ष श्री मनोज कुमार मिश्रा, कोषाध्यक्ष श्री पवन कुमार सिंह, सह-कोषाध्यक्ष श्री लोकेन्द्र सिंह, डॉ. जितेंद्र सिंह (जय हिंद डेंटल क्लिनिक), श्री पी.डी. सिंह परिहार, श्री भूपेंद्र सिंह, श्री विजय सिंह, श्री मनोज कुशवाहा, श्री यशवंत सिंह, श्री कमलेश सिंह (SBI), श्री सुरेन्द्र सिंह (संगठन मंत्री), श्री पुष्पराज सिंह (अध्यक्ष, नागौद इकाई) सहित अनेक गणमान्य सदस्य एवं 100 से अधिक सम्मानित साथी उपस्थित रहे।
अध्यक्ष श्री सुनील सिंह परिहार ने चारों वीरों का माल्यार्पण कर भव्य स्वागत करते हुए कहा कि
“सेना से लौटे हर सैनिक का सम्मान करना केवल परंपरा नहीं, बल्कि हमारा कर्तव्य और गर्व है।”
उन्होंने सभी को संगठन में सम्मानित सदस्य के रूप में शामिल करते हुए उनके द्वितीय जीवन (सेकंड करियर) के लिए उज्ज्वल भविष्य, सफलता और समृद्धि की शुभकामनाएं दीं।
वहीं, चारों सैनिक भावुक हो उठे और इतने बड़े सम्मान के लिए संगठन एवं उपस्थित सभी साथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने वचन दिया कि वे संगठन की गरिमा, अनुशासन और विकास के लिए सदैव समर्पित रहेंगे और कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलेंगे।
“वीर सपूतों का सम्मान, राष्ट्र का अभिमान है;
जो देश के लिए जिए, वही सच्चा महान है।”
यह आयोजन सिर्फ एक स्वागत समारोह नहीं, बल्कि पूर्व सैनिकों की अटूट एकता, सम्मान और राष्ट्रभक्ति का विराट प्रदर्शन बन गया, जिसकी गूंज लंबे समय तक सतना की धरती पर सुनाई देती रहेगी।

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