

📰🔴 डीएम मनीष बंसल का सख्त रुख: फीस, यूनिफॉर्म और किताबों की मनमानी पर रोक—नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई
सहारनपुर। नए शैक्षिक सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ ही जिलाधिकारी मनीष बंसल ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए कड़ा कदम उठाया है। लंबे समय से अभिभावकों द्वारा उठाई जा रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने निजी विद्यालयों की मनमानी पर सख्त रुख अपनाया है।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी विद्यालय निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी फीस संरचना सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा कि नियमानुसार प्रत्येक विद्यालय को 60 दिन पूर्व फीस का विवरण घोषित करना अनिवार्य है, लेकिन कई विद्यालय इस नियम की अनदेखी कर रहे हैं। ऐसे लगभग 60 विद्यालयों को चिन्हित करते हुए जिलाधिकारी ने उन्हें दो दिन के भीतर अपनी वेबसाइट पर फीस संरचना अपलोड करने और जिला विद्यालय निरीक्षक को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में आदेशों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार की अनियमितता या शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में विद्यालयों द्वारा अभिभावकों को एक निश्चित दुकान से किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करने के मामले को भी गंभीरता से लिया गया। जिलाधिकारी ने इसे अनुचित बताते हुए स्पष्ट किया कि अब अभिभावकों को इस प्रकार के दबाव से मुक्ति मिलेगी। विद्यालयों को निर्देशित किया गया कि वे किसी भी विशेष दुकान से खरीदारी के लिए बाध्य नहीं करेंगे। अब अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार विभिन्न दुकानों या ऑनलाइन माध्यम से सामग्री खरीद सकेंगे।
यूनिफॉर्म को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि बिना ठोस कारण के हर वर्ष यूनिफॉर्म में बदलाव नहीं किया जा सकता। यदि किसी विद्यालय को यूनिफॉर्म में परिवर्तन करना है तो इसके लिए निर्धारित समिति से अनुमति लेना आवश्यक होगा और पांच वर्ष से पहले बदलाव की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, प्रत्येक विद्यालय में “कठिनाई निवारण समिति” का गठन अनिवार्य किया गया है, ताकि अभिभावकों और छात्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि यह समिति विद्यालय और अभिभावकों के बीच संवाद का माध्यम बनेगी।
स्कूल वाहनों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विद्यालय अपने वाहनों का पंजीकरण एक नए पोर्टल पर कराएं और उनकी नियमित फिटनेस जांच सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी मनीष बंसल की इस पहल को अभिभावकों द्वारा सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है। उनका मानना है कि इससे शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी और अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी। वहीं, प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
ब्यूरो प्रमुख – दैनिक आशंका बुलेटिन, सहारनपुर
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