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मस्तूरी एनटीपीसी का फ्लाईएस डंप करने के नाम पर चल रहा करोड़ो का खेला ?

संतनु कुमार कुर्रे की रिपोर्ट

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एनटीपीसी “आर्शीवाद” ट्रांसपोर्ट के प्रोपाईटर मोनू राजपाल व प्लांट के अधिकारी ट्रांसपोर्टर जीपीएस, फास्टेग के नाम पर एनटीपीसी को लगा रहे करोड़ो का चुना ?

बिलासपुर : सीपत एनटीपीसी के डेम से निकलने वाले राखड़ को डंप करने के नाम पर ट्रांसपोर्टर एवं एनटीपीसी के अधिकारियो की मिलीभगत से करोड़ो के फर्जीवाड़े को अंजाम विगत कई वर्षो से दिया जा रहा है! ज्ञात हो कि शिकायतकर्ता द्वारा आरोप लगाया गया है कि पूरे मामले को लेकर बिलासपुर के एक थाना में लिखित शिकायत किया गया था लेकिन शिकायत के लगभग साल भर बीत जाने के बाद भी जाँच पूरा नहीं हो पाया है. उक्त शिकायत कि खास बात यह थी कि एनटीपीसी के अधिकारी, एन एच ए आई अधिकारी, टोल प्लाजा पर भ्रष्टाचार में सम्मिलित होने का बड़ा आरोप लगाया है. इतने गंभीर मामलों में भी शिकायत होने के बावजूद
कार्यवाही कछुआ गति से चल रही है. दूसरे शब्दों में कहा जाए तो विभिन्न विभाग के अधिकारी ने जांच को ठंडा बस्ता में डाल दिया है??
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि एनटीपीसी डेम से निकलने वाले राखड (फ्लाईएस) को प्लांट क्षेत्र से लगभग 120 से 130 किमी या 4 से 5 सौ किमी दूर डंप करने काम दिया गया है मगर ट्रांसपोर्टर व एनटीपीसी के अधिकारियो की मिलीभगत से राखड (फ्लाईएस) को महज 15 से 20 किमी की दुरी पर डंप किया जा रहा है और कागजों में 120 से 130, 4 00सौ 500 या 1000 किमी दूर डंप करना बताकर लाखो, करोड़ो का व्यारा-न्यारा किया जा रहा है|

ट्रांसपोर्टर द्वारा ट्रको में लगे जीपीएस को कार के माध्यम से ले जाकर ऑनलाइन दुरी तय करना दिखाया जाता है वही
नेशनल हाईवे में आने वाले टोल प्लाजा में लगे कैमरे एवं राखड डेम पर लगे कैमरे को जांच कर किया जा सकता है. शिकायतकर्ता के अनुसार टैक्स की फर्जी रसीदे भी बिल भुगतान में लगाकर करोड़ो के ट्रांसपोर्टेशन का राशि वसूली जा रही है|

बताया जाता है कि सीपत एनटीपीसी प्लांट में आर्शीवाद ट्रांसपोर्ट जिसके प्रोपाईटर मोनू राजपाल नामक व्यक्ति है व बिल्हा जिला बिलासपुर (छ.ग.) का निवासी है, जिन्हें सीपत एन.टी.पी.सी से फ्लाईएस राखड़ परिवहन करने के कार्य (वर्क ऑर्डर) मिला हुआ है, इनको राखड़ परिवहन सीपत एन.टी.पी.सी. से उरगा पत्थलगावं के लिए ट्रांसपोर्टिंग का कार्य दिया गया है जिसकी दूरी लगभग 120 से 130 कि. मी. होना बताया गया है किन्तु आर्शीवाद ट्रांसपोर्टर एवं एन.टी.पी.सी. अधिकारियों की मिली भगत से एन.टी.पी.सी. राखड़ डेम से राखड़ लोड कर जिस वाहन को पत्थलगावं परिवहन करना चाहिए वह वाहन पत्थगांव न जाकर जयरामनगर खैरा, बिल्हा, अकलतरा पत्थर खदान में डम्प किया जा रहा था| उक्त अवैध परिवहन को स्थानीय लोगो के द्वारा विगत दिनों इस्पॉट पर ही कई बार पकड़ा था |

शिकायतकर्ता के अनुसार स्थानीय लोगो ने मौके पर आठ वाहन (ट्रेलर) जिसका वाहन क्रमशः CG 10 BJ 9686, CG 10 BJ 9979, CG 10 BS 9455, CG 10 BJ 9389, CG 10 BJ 9474, CG 10 BJ 9383, CG 10 BS 9105 वाहनों को पकड़ा जिसमे एक वाहन का नंबर प्लेट नही दिख रहा था, यह भी बताया जा रहा है वाहन चालको के पास राखड़ खदान में पटिंग करने का कोई भी प्रकार का प्रशासनिक एनओसी मौके पर नही था!अधिकारी द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं किया गया है

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