
विजय कुमार बंसल हरिद्वार ब्यूरो
हरिद्वार की पुण्य भूमि पर आत्मज्ञान के साथ-साथ भागवत कृ
पा का पवन स्थान है हरिद्वार की पुण्य भूमि पर अखबार स्थित आश्रम संत ज्ञानेश्वर स्वामी सदानंद जी परमहंस हरिद्वार
हरिद्वार की पुण्यभूमि एक बार पुनः आध्यात्मिक उल्लास, भक्ति और दिव्य चेतना से आलोकित होने जा रही है। भगवान का 13 अप्रैल से अनंत कृपा से 17 अप्रैल 2026 तक होने वाला अद्भुत सत्संग, भजन-कीर्तन एवं विशाल भागवत शोभायात्रा समस्त श्रद्धालुओं के लिए एक अलौकिक अवसर लेकर आ रहा है। यह भव्य आध्यात्मिक महोत्सव हरिद्वार आश्रम, रानीपुर मोड़, हिल बायपास रोड, हनुमान मंदिर के समीप आयोजित किया जा रहा है, जहाँ प्रतिदिन निरंतर ज्ञान की गंगा प्रवाहित हो रही है। परमात्मा स्वरूप परम पूज्य ज्ञानेश्वर स्वामी सदानंद परमहंस जी महाराज की पतित-पावन कृपा से आश्रम का वातावरण भक्ति, श्रद्धा और आत्मिक शांति से सराबोर है।
आश्रम में प्रतिदिन भगवत चर्चा, मधुर भजन-सत्संग और दिव्य कीर्तन का आयोजन हो रहा है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुँचकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं। भक्तिमय वातावरण में जब प्रभु नाम का संकीर्तन गूंजता है, तब ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वयं देवभूमि हरिद्वार में दिव्यता उतर आई हो। श्रद्धालुओं के हृदय में परमात्मा के प्रति प्रेम, विश्वास और आत्मबोध की ज्योति प्रज्वलित हो रही है। यह स्थान केवल एक आश्रम नहीं, बल्कि आत्मज्ञान, ईश्वर भक्ति और जीवन के सच्चे मार्ग का एक पवित्र केंद्र बन चुका है।
इस विशेष महोत्सव के अवसर पर भव्य शोभायात्रा का आयोजन भी किया जा रहा है, जो नगर में भक्ति और उत्साह का अद्वितीय दृश्य प्रस्तुत करेगी। शोभायात्रा में भजन मंडलियों के मधुर कीर्तन, धार्मिक झांकियाँ, संत-महात्माओं का सान्निध्य और श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति इस आयोजन को और भी भव्य बना देगी। साथ ही आश्रम में निरंतर भंडारे की व्यवस्था भी संचालित की जा रही है, जहाँ सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रेमपूर्वक प्रसाद एवं भोजन की सेवा उपलब्ध रहेगी। सेवा, सत्संग और साधना का यह संगम प्रत्येक आगंतुक के जीवन में नई ऊर्जा और आध्यात्मिक जागृति का संचार कर रहा है। हरिद्वार आश्रम, रानीपुर मोड़ स्थित यह पावन स्थल भगवान की कृपा कथा और आत्मबोध का अनुपम धाम है, एक भक्त जो दिल्ली से पधारी हुई है जिनका नाम उन्होंने रानी बताया उन्होंने कहाजहाँ आकर मन को शांति, हृदय को भक्ति और आत्मा को सच्चे ज्ञान का स्पर्श प्राप्त होता है। श्रद्धालुओं के लिए यह महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को ईश्वरमय बनाने का एक दुर्लभ अवसर है। समस्त भक्तजन इस दिव्य आयोजन में सम्मिलित होकर प्रभु कृपा और संतों के आशीर्वाद का लाभ अवश्य प्राप्त करें। इस अवसर पर व्यवस्थापक सप्तश्री श्री मीरा जी स्वामी महेंद्रानंद जी महाराज श्री सुरेश सहित भारी संख्या में भक्तगण भागवत ज्ञान के साथ-साथ भजन सत्संग का निरंतर आनंद लेकर अपने जीवन को भगवत कृपा तथा आनंद की अनुभूति से महका रहे हैं















