
जमालपुर, पूर्व बर्धमान का शांत इलाका इन दिनों राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया है, जहां एक ओर देश के गृह मंत्री अमित शाह की सभा ने राजनीतिक माहौल को गरमाया, वहीं उसके ठीक अगले दिन तृणमूल कांग्रेस ने एक भव्य बाइक रैली निकालकर अपनी ताकत का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पूरे इलाके की सियासी तस्वीर को बदल कर रख दिया, सुबह होते ही बिपत्तारिणीतला से लेकर आठपाड़ा समवाय स्टोर और वहां से बांध के रास्ते होते हुए जमालपुर तक सड़कों पर लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा, हजारों कार्यकर्ता और समर्थक मोटरसाइकिलों के साथ इस रैली में शामिल हुए और देखते ही देखते यह रैली एक विशाल जनसैलाब में बदल गई, जहां तक नजर जाती थी वहां तक केवल लोग, झंडे और जोश दिखाई दे रहा था, हर हाथ में तृणमूल कांग्रेस का झंडा, हर चेहरे पर उत्साह और हर आवाज में एक ही नारा गूंज रहा था — “जय बंगला”, इस रैली की सबसे खास बात इसका माहौल था, जो किसी सामान्य राजनीतिक कार्यक्रम से बिल्कुल अलग नजर आया, ढोल-नगाड़ों की धुन, लाउडस्पीकर पर बजते गाने और लोगों के उत्साह ने पूरे वातावरण को एक उत्सव में बदल दिया, स्थानीय लोगों ने इसे “वोटर उत्सव” का नाम दिया, क्योंकि इसमें हर वर्ग के लोग शामिल हुए, सड़कों के दोनों तरफ खड़े लोग हाथ हिलाकर इस रैली का स्वागत कर रहे थे, दुकानदार अपनी दुकानों से बाहर निकलकर इस दृश्य को देख रहे थे और कई लोग अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाकर इस ऐतिहासिक पल को कैद कर रहे थे, यह केवल एक रैली नहीं बल्कि जनता के समर्थन का खुला प्रदर्शन था, इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार भूतनाथ मलिक एक खुले वाहन में खड़े होकर लोगों का अभिवादन करते नजर आए, कभी हाथ जोड़कर नमस्कार करते तो कभी हाथ हिलाकर समर्थन मांगते, उनके साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे, नेताओं और जनता के बीच सीधा संवाद इस रैली की एक बड़ी खासियत रही, जिसने लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत किया, इस दौरान तृणमूल नेता मेहमूद खान का बयान इस रैली का सबसे बड़ा आकर्षण बना, उन्होंने अपने संबोधन में कहा — “यह सिर्फ एक रैली नहीं है, यह जनता की आवाज है, जमालपुर एकजुट है, कुछ लोग ‘सोनार जमालपुर’ बनाने की बात करते हैं, लेकिन ममता बनर्जी के नेतृत्व में बंगाल पहले ही उस दिशा में आगे बढ़ चुका है”, उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के पास इस क्षेत्र में कोई मजबूत संगठन नहीं है और जनता का पूरा समर्थन तृणमूल कांग्रेस के साथ है, उनके इस बयान के बाद भीड़ ने जोरदार नारों के साथ उनका समर्थन किया और “जय बंगला” की गूंज पूरे इलाके में फैल गई, इस रैली में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति लोगों का विश्वास भी साफ नजर आया, उनके नेतृत्व, विकास कार्यों और जनता से जुड़ाव की चर्चा हर तरफ सुनाई दे रही थी, कई लोगों ने कहा कि ममता बनर्जी के कारण ही राज्य में विकास संभव हुआ है और लोग उनके साथ खड़े हैं, रैली के दौरान लगातार “जय बंगला” के गाने बजते रहे, जिनकी धुन पर लोग झूमते नजर आए, ढोल-नगाड़ों की आवाज और नारों की गूंज ने पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया, यह दृश्य किसी त्योहार से कम नहीं था, राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह रैली एक बड़ा संदेश देती है कि जमालपुर में तृणमूल कांग्रेस की पकड़ मजबूत है, अमित शाह की सभा के बाद इस तरह की रैली निकालकर पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि वह चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है, हालांकि अंतिम फैसला तो जनता के वोट से ही होगा, लेकिन इस तरह की रैलियां मतदाताओं पर गहरा प्रभाव डालती हैं, रैली के अंत में भूतनाथ मलिक ने कहा — “जमालपुर की जनता हमारे साथ है, हमने विकास के लिए काम किया है और आगे भी करते रहेंगे, हमारी जीत निश्चित है”, इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ हो जाता है कि जमालपुर में चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा चुका है और सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी ताकत दिखाने में जुटे हैं, लेकिन जिस तरह से तृणमूल कांग्रेस की इस रैली में लोगों की भागीदारी देखने को मिली, उसने यह संकेत जरूर दिया है कि यहां की जनता किस ओर झुकाव रखती है, हजारों लोगों की मौजूदगी, उनका उत्साह और “जय बंगला” के नारों की गूंज ने यह साबित कर दिया कि यह केवल एक रैली नहीं बल्कि जनता की आवाज थी, अब देखना यह है कि यह उत्साह वोट में कितना बदलता है और आने वाले चुनाव में किसे जीत मिलती है, फिलहाल जमालपुर की सड़कों पर जो तस्वीर देखने को मिली, वह यह बताने के लिए काफी है कि यहां लोकतंत्र का उत्सव पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है और जनता अपने मताधिकार को लेकर पूरी तरह जागरूक है, यही लोकतंत्र की असली ताकत है और यही इस रैली का सबसे बड़ा संदेश भी है।









