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निदूरी खम्हैौवा में मनरेगा घोटाला: प्रधान और सचिव की जुगलबंदी ने सरकारी खजाने पर डाला डाका

कागजों पर खुदाई, धरातल पर झाड़ियाँ: ग्राम प्रधान सुन्दरावती देवी का 'फर्जीवाड़ा' बेनकाब

अजीत मिश्रा (खोजी)

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी ‘मनरेगा’: निदूरी खम्हैौवा में ग्राम प्रधान और सचिव की ‘जुगलबंदी’ से सरकारी खजाने में बड़ी सेंध!

ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश)

  • रोजगार सेवक ने खोली पोल: बिना ओटीपी कैसे लगी फर्जी हाजिरी? सवालों के घेरे में बीडीओ और सचिव।
  • बस्ती मंडल में भ्रष्टाचार का बोलबाला: नाला खुदाई के नाम पर मस्टर रोल का खेल, एपीओ और टीए पर कमीशनखोरी के आरोप‌
  • गरीबों के हक पर प्रधान का ‘खूनी’ पंजा: निदूरी खम्हैौवा में मनरेगा के नाम पर मची खुली लूट।
  • प्रशासनिक मिलीभगत या अंधेरगर्दी? सचिव नेहा वर्मा और प्रधान की सेटिंग से लूटा जा रहा सरकारी धन।

बस्ती/हरैया।। विकासखंड हरैया की ग्राम पंचायत निदूरी खम्हैौवा भ्रष्टाचार का नया अड्डा बन गई है। जहाँ एक ओर सरकार गरीबों को रोजगार देने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर दबंग ग्राम प्रधान और लापरवाह अधिकारी मिलकर सरकारी धन की बंदरबांट करने में जुटे हैं। इस खेल का खुलासा किसी और ने नहीं, बल्कि खुद पंचायत के रोजगार सेवक घनश्याम तिवारी ने किया है, जिन्होंने प्रधान और सचिव के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भ्रष्टाचार की कलई खोल कर रख दी है।

रोजगार सेवक दरकिनार, ‘फर्जी हाजिरी’ का खेल बेखौफ

​हैरानी की बात यह है कि मनरेगा की आईडी पासवर्ड रोजगार सेवक घनश्याम तिवारी के पास होने के बावजूद, उनकी जानकारी के बिना मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है। रोजगार सेवक का आरोप है कि ग्राम प्रधान सुन्दरावती देवी और सचिव नेहा वर्मा उनके अधिकारों का हनन कर मनमाने तरीके से मस्टर रोल जारी करवा रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब आईडी रोजगार सेवक के पास है, तो बिना ओटीपी और पासवर्ड के यह हाजिरी कौन और कैसे लगा रहा है? क्या इसमें उच्चाधिकारियों का भी मौन समर्थन प्राप्त है?

कागजों पर ‘नाली की खुदाई’, धरातल पर झाड़ियां और कीचड़

​भ्रष्टाचार का सबसे नग्न रूप ‘नाला खुदाई’ कार्य में देखने को मिला है। ग्राम प्रधान और सचिव ने फर्जी ऑनलाइन मस्टर रोल के सहारे सरकारी धन लूटने की पूरी बिसात बिछा रखी है। जब मीडिया टीम ने धरातल पर जाकर पड़ताल की, तो नजारा चौंकाने वाला था:

  • ​जिस नाले की खुदाई के नाम पर मस्टर रोल जारी हुए, वहां नाली में बरसात का पानी भरा पड़ा है।
  • ​खुदाई तो दूर, पूरी नाली में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हुई हैं, जो चीख-चीख कर बता रही हैं कि वहां महीनों से कोई काम नहीं हुआ है।
  • ​बावजूद इसके, सचिव नेहा वर्मा, टीए और एपीओ मनरेगा की मिलीभगत से ग्राम प्रधान सरकारी खजाने पर डाका डालने में मस्त हैं।

कमीशनखोरी का ‘नेक्सस’: बीडीओ से लेकर एपीओ तक सवालों के घेरे में

​आरोप है कि यह पूरा घोटाला खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) विनय कुमार द्विवेदी की सरपरस्ती में चल रहा है। रोजगार सेवक का सीधा आरोप है कि सचिव, टीए और एपीओ भ्रष्टाचार कराकर ग्राम प्रधान से मुंहमांगा कमीशन वसूल रहे हैं। अधिकारियों की यह मिलीभगत साबित करती है कि जिले में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं।

जांच का इंतजार या फाइलों में दबेगा मामला?

​अब सबसे बड़ा सवाल प्रशासन की कार्यशैली पर है। क्या डीडीओ बस्ती, सीडीओ और जिलाधिकारी (डीएम) बस्ती इस गंभीर मामले का संज्ञान लेंगे? क्या फर्जीवाड़ा करने वाली ग्राम प्रधान सुन्दरावती देवी, सचिव नेहा वर्मा और संलिप्त बीडीओ के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी, या यह मामला भी जांच के नाम पर फाइलों में दफन कर दिया जाएगा?

​निदूरी खम्हैौवा की जनता अब न्याय और दोषियों पर कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठी है।

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