
हिमांशु दीक्षित, कानपुर। आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) के पर्व को लेकर कानपुर कमिश्नरेट पुलिस पूरी तरह से ‘अलर्ट मोड’ में आ गई है। त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में सेंट्रल जोन के मिश्रित आबादी वाले और अति संवेदनशील इलाकों में पुलिस और RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) के जवानों ने भारी लाव-लश्कर के साथ सड़क पर उतरकर शक्ति प्रदर्शन किया।
4 किलोमीटर तक पैदल गश्त, चप्पे-चप्पे पर नजर
पुलिस उपायुक्त (DCP) सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव और अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) सेंट्रल डॉ. अर्चना सिंह के नेतृत्व में यह फ्लैग मार्च निकाला गया। इस दौरान सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) सीसामऊ के साथ थाना सीसामऊ, बजरिया और चमनगंज की पुलिस फोर्स भी मुस्तैद रही। पुलिस और RAF की संयुक्त टीम ने सीसामऊ सर्किल के प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों और तंग गलियों में लगभग 4 किलोमीटर तक पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया।
संदिग्धों की चेकिंग, आमजन को दिया सुरक्षा का भरोसा
फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य जनता के बीच सुरक्षा की भावना पैदा करना था। पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से संवाद कर उन्हें पूरी सुरक्षा का भरोसा दिलाया और आपसी भाईचारा व शांति बनाए रखने की अपील की। इसके साथ ही सड़कों पर बेवजह घूमने वाले संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग भी की गई।
माहौल बिगाड़ने वालों को ‘जीरो टॉलरेंस’ की चेतावनी
कमिश्नरेट पुलिस ने असामाजिक तत्वों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि त्योहार की आड़ में अगर किसी ने भी कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने, सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाने अथवा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की जरा भी जुर्रत की, तो उसके खिलाफ बेहद कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की खुफिया इकाइयां भी पूरी तरह से सक्रिय कर दी गई हैं।












