
समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ :
नक्सलवाद विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को मंगलवार को दोहरी सफलता मिली है। एक तरफ सारंडा क्षेत्र में सक्रिय 24 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया, तो दूसरी तरफ CPI माओवादी संगठन के पॉलिटब्यूरो सदस्य और 2.20 करोड़ रुपये के इनामी कुख्यात नक्सली नेता _मिसिर बेसरा_ को दो साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। इन लगातार कार्रवाइयों से नक्सली संगठन के नेतृत्व को बड़ा झटका लगा है।
कैसे हुई गिरफ्तारी
धनबाद और गिरिडीह जिले की सीमा से लगे मनियाडीह क्षेत्र में यह कार्रवाई की गई। मिसिर बेसरा _मेहनत उर्फ मोचू_ और _गौरव_ नाम के दो साथियों के साथ टाटा मैजिक वाहन से यात्रा कर रहा था। तभी सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। इस दौरान पूछताछ के लिए दो और लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।
राज्य पुलिस मुख्यालय को गुप्त सूचना मिलने के बाद पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दी गई। खुफिया एजेंसी IB, राज्य पुलिस, CRPF और झारखंड जगुआर्स के संयुक्त अभियान से यह सफलता मिली। कई महीनों से सुरक्षा बलों को चकमा दे रहे मिसिर बेसरा पर IB की लगातार नजर थी। हाल में सरेंडर करने वाले नक्सलियों से मिली जानकारी के आधार पर ही उसकी लोकेशन ट्रेस की गई।
कौन है मिसिर बेसरा
गिरिडीह जिले के पिरतांड का रहने वाला मिसिर बेसरा करीब 4 दशक से नक्सली आंदोलन में सक्रिय था। धनबाद में कॉलेज की पढ़ाई के दौरान वह साहूकार विरोधी आंदोलन के जरिए CPI माओवादी से जुड़ा था। इसके बाद उसने संगठन में तेजी से तरक्की कर पॉलिटब्यूरो सदस्य का पद हासिल किया।
नक्सली संगठन के शीर्ष नेतृत्व में बचे गिने-चुने वरिष्ठ नेताओं में वह एक था। 21 मई 2025 को संगठन का वरिष्ठ नेता नंबला केशव राव उर्फ बसवराजू सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारा गया था। 22 फरवरी 2026 को भूपति और देवजी ने सरेंडर किया। वहीं पूर्व महासचिव गणपती पिछले 8 साल से लापता हैं और बीमारी के कारण उनकी मौत की आशंका है। इन घटनाओं से नक्सली संगठन की नेतृत्व श्रृंखला काफी कमजोर हो गई है।
बड़ा इनाम और कई मामले
मिसिर बेसरा के खिलाफ झारखंड, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 150 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं। NIA भी दो मामलों में उसकी तलाश कर रही थी। झारखंड सरकार ने उस पर 1 करोड़ और ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ का इनाम घोषित किया था। इस तरह कुल 2.20 करोड़ का इनाम था।
मई में ही मिसिर बेसरा के दस्ते के 27 नक्सलियों ने झारखंड पुलिस के सामने सरेंडर किया था। मंगलवार को 24 और नक्सलियों के हथियार डालने से संगठन को और बड़ा झटका लगा है। सूत्रों के मुताबिक इन्हीं सरेंडर करने वाले नक्सलियों से मिली जानकारी के आधार पर सुरक्षा बल मिसिर बेसरा तक पहुंच पाए।
गिरफ्तारी के बाद मिसिर बेसरा और उसके दोनों साथियों को आगे की पूछताछ के लिए रांची ले जाया गया है। इस कार्रवाई को नक्सलवाद विरोधी अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।







