
।। वंदेभारतलाइवटीव न्युज, गुरूवार 30 जुलाई 2026 ।।
नागपुर/महाराष्ट्र–:: प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार अब से महाराष्ट्र राज्य के किसी भी शासकीय, अनुदानित, निजी, आवासीय विद्यालयों और जूनियर काॅलेज परिसर और मुख्य द्वार से 50 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के जंक फ्रुट बेचने पर पाबंदी रहेगी। यह निर्णय राज्य के खाद्य और औषधि प्रशासन विभाग के द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को बनाए रखने और उनके पौष्टिक भोजन की अधिकार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। महाराष्ट्र राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के नये आदेशानुसार चाकलेट, आइसक्रीम, चिप्स, बड़ा पाव, तले हुए स्नैक्स, साफ्टड्रिंक, हाई फैट ,शुगर एव् नमक वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री इनके प्रचार प्रसार और मुफ्त वितरण को लेकर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई है। प्राप्त जानकारी अनुसार यह.निर्णय फूड सेफ्टी एंड चिल्ड्रन इन स्कूल रेगुलेशन वर्ष 2020 के अंतर्गत लिया गया है। जारी किए गए आदेश का सख्ती पूर्वक पालन करवाने की जवाबदारी न केवल फूड इंस्पेक्टर की रहेगी, बल्कि स्कूल काॅलेज के प्रधानाचार्य, प्रबंधन, शिक्षा विभाग और स्कूल काॅलेज के पैरंट्स एसोसिएशन की भी जवाबदारी रहेगी। प्राप्त जानकारी अनुसार अब इस नियम के अंतर्गत उल्लंघन करते हुए पाये जाने पर कैंटीन मालिक और दुकानदार पर कानूनी कार्यवाही होने के साथ ही स्कूल काॅलेज की मान्यता भी संबंधित बोर्ड या शिक्षा विभाग रद्द कर सकता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब से स्कूल काॅलेज की कैंटीन को जंक फ्रुट के बदले फल। हरी सब्जियां, दाल, दूध, स्थानीय स्तर पर पाये जाने वाले पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने होंगे।. सभी स्कूल काॅलेजों में स्वच्छ पीने का पानी, साफ सुथरी रसोई, खाद्य पदार्थों का सुरक्षित रूप से भंडारण, कीट नियंत्रण और कचरा प्रबंधन की भी व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। हर स्कूल काॅलेज मे साल मे कम से कम दो बार खाद्य सुरक्षा को लेकर निरीक्षण और खाद्य पदार्थों के नमूनें की जांच पड़ताल करवाई जायेगी। हर स्कूल काॅलेज मे फूड सेफ्टी सुपरवाइजर के साथ हेल्थ वेलनेंस एंबेसडर या नोडल अधिकारी की नियुक्ति जरूरी होगी। नियम् का पालन नही होने पर सख्त कार्यवाही भी होगी।







