
जीवनावश्यक वस्तुओंके के पेकिंग,स्टँडर्ड वजन रहे।ईस पर ध्यान देगी सरकार? आजकाल पाश्चिमात्य व्यापार,संस्कृती,रहेन सहेन की कॉपी करना आम है। पर क्या वे हमारा माणविय दृष्टीकोनको परिपक्व कर सकता है। जवाब है नही.

जीवनावश्यक वस्तुओंके के पेकिंग,स्टँडर्ड वजन रहे।ईस पर ध्यान देगी सरकार? आजकाल पाश्चिमात्य व्यापार,संस्कृती,रहेन सहेन की कॉपी करना आम है। पर क्या वे हमारा माणविय दृष्टीकोनको परिपक्व कर सकता है। जवाब है नही.
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur.






