

पलवल /भूप सिंह सैनी रिपोटर
सावन का पावन महीना भगवान भोलेनाथ की भक्ति और आस्था का प्रतीक है। इन दिनों हर तरफ “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों से वातावरण शिवमय हो जाता है। हजारों कांवड़िये कठिन यात्रा करते हुए गंगाजल लेकर अपने-अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
11 अगस्त 2026 को भगवान भोलेनाथ को जल चढ़ाने के लिए कांवड़िये पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं। पैरों में थकान होने के बावजूद उनके चेहरे पर आस्था और मन में भोलेनाथ के प्रति अटूट विश्वास दिखाई देता है। कोई पैदल चल रहा है तो कोई डाक कांवड़ के रूप में अपनी यात्रा पूरी कर रहा है।
कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भक्ति, अनुशासन, सेवा और भाईचारे का प्रतीक भी है। रास्ते में जगह-जगह लोग कांवड़ियों के लिए पानी, भोजन और विश्राम की व्यवस्था कर उनकी सेवा कर रहे हैं।
भगवान भोलेनाथ सभी कांवड़ियों की यात्रा मंगलमय करें और उनके परिवारों में सुख, शांति एवं समृद्धि प्रदान करें।
हर-हर महादेव!
बोल बम! 🚩



