*कार्यक्रम में राष्ट्रीय महासचिव श्याम सिंह मरकाम पहुंचे इस दिन राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग*
कोरिया /एमसीबी जिले के मनेन्द्रगढ़ मुख्यालय में बड़े ही धूम धाम से मनाया गया जिसमे मुख्य अतिथि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्याम सिंह मरकाम शामिल हुए मूलनिवासी दिवस के उपलक्ष में मनेंद्रगढ़ के पिपरिया इमली गोलाई से लेकर रैली निकाली गयी जो मनेन्द्रगढ़ शहर होते हुए नगरपंचायत झगराखांड एवं नगरपंचायत लेदरी पंहुचा रैली के दौरान झगराखांड में जोरदार आतिशबाजी के साथ स्वागत किया गया।
*मशीही समाज में भी दिखा खाशा उत्साह मरकाम का किया भव्य स्वागत*
लेदरी में संयुक्त मशीही समाज के तत्वावधान में सामुदायिक भवन में कार्यकम का आयोजन हुआ जिसमे मशीही समाज के द्वारा अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम भी किया गया इस मौक़े पर गोंडवाना एमसीबी जिला के जिलाध्यक्ष केवल सिंह मरकाम एवं विधानसभा के गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रत्याशी शेख स्माइल जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति एमसीबी जिला के डॉ एल एस उदय भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।
*जानिए क्यों मनाया जाता है 9अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस*।
International Day of the World’s Indigenous Peoples),
आदिवासी आबादी के अधिकारों को बढ़ावा देने और उनकी सुरक्षा के लिए प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को विश्व के आदिवासी लोगों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। यह घटना उन उपलब्धियों और योगदानों को भी स्वीकार करती है जो आदिवासी लोग पर्यावरण संरक्षण जैसे विश्व के मुद्दों को बेहतर बनाने के लिए करते हैं। यह पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दिसंबर 1994 में घोषित किया गया था, 1982 में मानव अधिकारों के संवर्धन और संरक्षण पर संयुक्त राष्ट्र कार्य समूह की आदिवासी आबादी पर संयुक्त राष्ट्र कार्य समूह की पहली बैठक का दिन। खासकर, इसे भारत के आदिवासियों द्वारा धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमें रास्तों पर रैली निकाली और मंच में झमाझम कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। सामाजिक कार्यकर्ता राकेश देवडे़ बिरसावादी के अनुसार भारत के अनुसूचित जनजाति के लिए सरकारों द्वारा 09 अगस्त को राष्ट्रीय अवकाश घोषित नहीं किया गया है जो संयुक्त राष्ट्र की अवमानना है। आदिवासी समुदाय अहिंसक प्रकृतिवादी समुदाय है और अपनी विशेष सांस्कृतिक पहचान के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
*श्याम सिंह मरकाम की बड़ी मांग इस दिन को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करे सरकार*-
माननीय सुप्रीम कोर्ट ने जनजाति समुदाय को मूल मालिक की संज्ञा दी है। ऐसी स्थिति में समस्त सरकारों को आदिवासी समुदाय की भावनाओं की कद्र करना चाहिए। और राष्ट्रीय स्तर पर 9 अगस्त को शासकीय अवकाश घोषित करनी चाहिए जिससे की मूलनिवासी भाई जो शासकीय कार्यों में संलग्न है अपने दिवस को सौहाद्रपूर्ण खुशी खुशी मना सकें।












