
*श्री अनाथ गौशाला के प्रागंण मे आज भगवत गीता का विश्व मे प्रचार प्रसार करने व भगवत गीता की राह पर चलकर लाखो लोगो का जीवन सवारने वाले भारत देश के ही नही अपीतु अन्तर्राष्ट्रीय परमपूज्य महान संत श्री श्री 1008 गीता मनीषी ज्ञानानंद जी महाराज ने गौमाता की सेवा मे हरि चरि की गौ सवामणी की*।
सर्व प्रथम गौमाता को वस्त्र आढोकर गौ पुजन कर आरती की गयी तत्पश्चात महाराज श्री ने अपने हाथो से गौमाता को हरि चरि खिला गौसेवा की।
महाराज ने गौशाला की व्यवस्था देख कर खुशी व्यक्त की। गौशाला कमेटी को बधाई देते हुए कहाँ की आप जो

देशी गाय के पालन को बढावा दे रहे हो यह काबिले तारीफ है। महाराज श्री ने कहा की भगवत गीता मे भी गौमाता की महीमा बतायी गयी। यह सर्व कल्याणी, मोक्षदायिनी है गौमाता की सेवा कभी निष्फल नही जाती है महाराज श्री ने सभी को ज्यादा से ज्यादा गौसेवा करने के लिए प्रेरित किया।
गौशाला कमेटी प्रधान उज्जन पाल यादव ने महाराज श्री का माला पहना कर गौशाला मे पधारने पर हार्दिक स्वागत अभीनंदन किया। महाराज श्री का स्वागत के लिए कोषाध्यक्ष अध्यक्ष संतोष कुमार, सुभाष जांगीड, दलीप यादव,श्री गौ गौपाल प्रचार असहाय सेवा संस्था से सुरेश चन्द शर्मा, मुकेश वालीया, सुरेन्द्र मुनीम थे। महाराज श्री के नारनौल जीयो गीता परिवार से संरक्षक डा. अशोक आहुजा, प्रधान सुरेन्द्र यादव, महेश सोनी, शिवहरी यादव, सुरेश कुमार, साहिल मितल सहीत काफी संख्या मे गौभक्त उपस्थित थे। महाराज श्री ने सभी को प्रसाद वितरण किया।
गौ सवामणी कड़ी मे डा. पवन कुमार कोरियावास द्वारा अपनी मासीक हरि चरि की गौ सवामणी श्री अनाथ गौशाला मे की गयी।





