

KANTH (MORADABAD)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य सलिल विश्नोई के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट कर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में कांठ निवासी भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री राजन बिश्नोई, बिश्नोई पर्यावरण समिति उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष रविंद्र सिंह, डॉ. रोचना बिश्नोई तथा प्रो. रश्मि बिश्नोई शामिल रहे।
भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी मुरादाबाद संजय ढाका ने बताया कि मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र के विकास, धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार, जनहित और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दे मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। प्रतिनिधिमंडल ने पर्यावरण संरक्षण के प्रणेता संत गुरु जम्भेश्वर भगवान के नाम पर गुरु जम्भेश्वर कॉरिडोर के निर्माण की ऐतिहासिक घोषणा के लिए मुख्यमंत्री का बिश्नोई समाज एवं पर्यावरण प्रेमियों की ओर से आभार व्यक्त किया।
एमएलसी सलिल बिश्नोई एवं राजन बिश्नोई ने कहा कि गुरु जम्भेश्वर कॉरिडोर का निर्माण केवल एक विकास परियोजना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जीव-दया और प्रकृति के प्रति सनातन संस्कृति के संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण कदम है। प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा कांठ स्थित ऐतिहासिक शिव मोनी मंदिर के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकृत धनराशि के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। साथ ही ग्राम मुख्तयारपुर नवादा स्थित ऐतिहासिक प्राचीन झाड़ वाले मंदिर नागराज के विकास एवं जीर्णोद्धार के संबंध में विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत कर आवश्यक सहयोग का अनुरोध किया।
इसके अलावा कांठ के अकबरपुर चैदरी में वर्ष 2014 के लाउडस्पीकर प्रकरण से संबंधित दर्ज मुकदमों को वापस लेने का अनुरोध भी मुख्यमंत्री से किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा कांठ के सर्वांगीण विकास तथा धार्मिक स्थलों एवं जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिनिधिमंडल की ओर से रखे गए सभी विषयों को गंभीरता से सुना और आवश्यक कार्यवाही एवं सहयोग का आश्वासन दिया।
Repo: Pankaj Kumar, Kanth ✍️











