

अयोध्या, राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख सूत्रधार, संत और पूर्व सांसद रामविलास वेदांती जी का सोमवार को निधन हो गया। उन्होंने मध्यप्रदेश के रीवा में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही संत समाज, राजनीतिक जगत और राम भक्तों में शोक की लहर दौड़ गई।
रामविलास वेदांती जी राम मंदिर आंदोलन के अग्रणी चेहरों में शामिल रहे। उन्होंने वर्षों तक अयोध्या में राम जन्मभूमि के पक्ष में संघर्ष किया और जन-जन को इस आंदोलन से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई। वे अपने बेबाक बयानों और स्पष्ट विचारों के लिए जाने जाते थे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई प्रमुख नेताओं और संतों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे राम मंदिर आंदोलन के लिए अपूरणीय क्षति बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वेदांती जी का जीवन रामभक्ति, राष्ट्रसेवा और सांस्कृतिक चेतना को समर्पित रहा।
परिवार और संत परंपरा के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर अयोध्या लाया जाएगा, जहां विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया जाएगा। रामनगरी अयोध्या में उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए संतों और श्रद्धालुओं का जुटान शुरू हो गया है।















