उत्तर प्रदेशबस्ती

।। कप्तानगंज वन रेंज के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों को रिश्वत के बल पर खरीद लिया है ।।

।। आराजी डूही धरमूपुर मुस्तहकम में बिना परमिट के नीम के पेड़ की कटान मामले में चला रहा लीपापोती ।।

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। तेज तर्रार डीएफओ के लिए चुनौती बना नीम के पेड़ कटान मामले में कार्यवाही करना ।।

💫 आराजी डूही धरमूपुर मुस्तहकम में बिना परमिट के नीम के पेड़ की कटान मामले में चला रहा लीपापोती।

💫 बिना परमिट के नीम के पेड़ कटान मामले में सूचना पाते ही पहुंची थी वन विभाग की टीम।

💫 जांच पड़ताल के बाद भी वाचर , वन रक्षक, वन दरोगा व प्रभारी रेंजर (डिप्टी रेंजर ) ने मामले को रफा दफा के जुगाड़ में जुटे।

30 नवंबर 25, उत्तर प्रदेश।

 दुबौलिया बस्ती ।। विकासखंड दुबौलिया के अन्तर्गत ग्राम पंचायत आराजी डूही धरमूपुर मुस्तहकम में बिना परमिट के नीम के पेड़ कटान मामले में कार्रवाई करना तेज तर्रार डीएफओ डा० शिरीन के लिए चुनौती बना हुआ है। बिना परमिट के नीम के पेड़ कटान मामले में वाचर ,वनरक्षक , वन दरोगा व डिप्टी रेंजर / प्रभारी रेंजर द्वारा जांच व करवाई के नाम पर लीपापोती करने जुटे हुए हैं । 

      सूत्रों की माने तो बिना परमिट के नीम के पेड़ की कटान कराने वाले “आशीष पुत्र अमरनाथ” द्वारा ग्राम पंचायत में कहा जा रहा है कि हमने कप्तानगंज वन रेंज के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों को रिश्वत के बल पर खरीद लिया है। “हमारा कुछ नहीं होगा” मीडिया जितनी बार चाहे इतनी बार खबर अखबारों में प्रकाशित करें हमें कोई दिक्कत नहीं है । एक सप्ताह बीतने के बाद भी ग्राम पंचायत आराजी डूही धरमूपुर मुस्तहकम में बिना परमिट के नीम के पेड़ कटान मामले में कार्रवाई न होना, वन रेंज कप्तानगंज के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के कार्यों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।वन विभाग कप्तानगंज द्वारा जांच व कार्रवाई के नाम पर लीपापोती करके कार्रवाई न करने से तेज तर्रार डीएफओ डा. शिरीन की साफ सुथरी छवि धूमिल हो रही है और प्रदेश सरकार की मंशा पर पानी फिर रहा है ।

       आपको बता दें कि कप्तानगंज वन रेंज के अंतर्गत विकासखंड दुबौलिया क्षेत्र के ग्राम पंचायत आराजी डूही धरमूपुर मुस्तहकम में बिना परमिट के नीम के पेड़ की कटान पिछले मंगलवार को हुई थी । बिना परमिट के नीम के पेड़ की कटान की सूचना पर पहुंची वन विभाग कप्तानगंज की टीम ने जांच पड़ताल किया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की थी । तेज तर्रार डीएफओ बस्ती डा० शिरीन ने जिले में वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियोंको कड़ा निर्देश दिया है, कि बिना परमिट के हरे पेड़ की कटान न हो। यदि किसी के क्षेत्र में बिना परमिट हरे पेड़ों की कटान कटान हुई तो संबंधित वन विभाग के अधिकारी / कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी । डीएफओ के कड़े निर्देश के बाद जिले में अवैध हरे पेड़ों की कटान कम हुई है, लेकिन दुबौलिया क्षेत्र में वन विभाग के मिलीभगत से लकड़ी माफिया धड़ल्ले से हरे पेड़ों की कटान करने में सफल है । 

     ग्राम पंचायत आराजी डूही धरमूपुर मुस्तहकम में बिना परमिट के कटे नीम के पेड़ मामले में कप्तानगंज में वन विभाग की टीम ने पेड़ मलिक आशीष पुत्र अमरनाथ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। उक्त प्रकरण में वन क्षेत्राधिकारी कप्तानगंज राजू प्रसाद ने फोन के माध्यम से बताया कि मामला संज्ञान में नहीं था। मामले का संज्ञान होते ही वन विभाग के कर्मचारियों को कार्यवाही के निर्देश दे दिया गया है । वन क्षेत्राधिकारी कप्तानगंज राजू प्रसाद अवकाश पर हैं और डिप्टी रेंजर को प्रभारी रेंजर का कार्यभार दिया गया है । डिप्टी रेंजर की मनमानी से वन माफिया आशीष पुत्र अमरनाथ के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है ।

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