उत्तर प्रदेशबस्तीलखनऊ

।। पेमेंट रोकने पर पीडब्ल्यूडी की संपत्ति कुर्की का आदेश।।

।। न्यायालय ने सरकारी कार्यप्रणाली में लापरवाही और भुगतान में देरी पर कड़ा रुख अपनाया।।

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। पेमेंट रोकने पर पीडब्ल्यूडी की संपत्ति कुर्की का आदेश।।

13 दिसंबर 25, उत्तर प्रदेश।

बस्ती।। सिविल जज सीनियर डिवीजन चौधरी संदीप सिंह की अदालत नेलोक निर्माण विभाग के विरुद्ध लम्बित मुकदमे में विभाग की संपत्ति कुर्क कर नीलाम करने का आदेश दिया है। ठेकेदार का भुगतान न करने पर न्यायालय ने नीलामी कर डिक्रीशुदा धनराशि अदालत में जमा करने का आदेश दिया है।

कोतवाली क्षेत्र के डारीडीहा निवासी सूर्यनाथ लोक निर्माण विभाग में पंजीकृत ठेकेदार हैं। लोक निर्माण विभाग बस्ती डायट के डॉरमेट्री भवन के आवासों के निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित की गई थी। सूर्यनाथ के नाम निविदा मंजूर हुई थी। काम पूरा होने के बाद विभाग ने उनके पैसे का भुगतान नहीं किया। सूर्यनाथ ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में तीन मुकदमे दाखिल कर भुगतान की मांग की थी। तीनों मुकदमें वादी के पक्ष मे सिविल जज सीनियर डिवीजन बस्ती का आदेश। । डायट के डारमेट्री भवन के निर्माण का है मामला निर्णीत हो गए थे। इसके बाद भी विभाग की उदासीनता जारी रही। इस पर सूर्यनाथ ने तीन इजराबाद दाखिल किए। कोर्ट में डिक्रीदार के अधिवक्ता ने लोक निर्माण विभाग की संपत्ति का विवरण प्रस्तुत किया। इसमें कार्यालय बिल्डिंग का सामान, कुर्सी, मेज, अलमारी, एसी आदि कुर्क कर नीलाम करने का अनुरोध किया था। इस पर न्यायाधीश ने न्यायालय के अमीन को आदेश दिया है कि वह संपत्ति कुर्क करके नीलाम करके डिक्रीदार की कुल धनराशि 716459 रुपये न्यायालय के खाते में जमा कराएं। अमीन को 22 तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत।

यह मामला उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का है, जहाँ न्यायालय ने सरकारी कार्यप्रणाली में लापरवाही और भुगतान में देरी पर कड़ा रुख अपनाया है।

मामले का मुख्य विवरण:

न्यायालय: सिविल जज सीनियर डिवीजन, चौधरी संदीप सिंह की अदालत।

विवाद: लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा ठेकेदार सूर्यनाथ (निवासी डारीडीहा, कोतवाली) का भुगतान न करना।

परियोजना: बस्ती डायट (DIET) के डॉरमेट्री भवन के आवासों का निर्माण।

बकाया राशि: कुल 7,16,459 रुपये।

कुर्की का आदेश क्यों दिया गया?

ठेकेदार सूर्यनाथ ने निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भुगतान न मिलने पर अदालत में तीन अलग-अलग मुकदमे दायर किए थे। अदालत ने ठेकेदार के पक्ष में फैसला सुनाया था, लेकिन इसके बावजूद PWD विभाग ने भुगतान में कोई रुचि नहीं दिखाई। विभाग की इसी उदासीनता को देखते हुए कोर्ट ने ‘इजराबाद’ (Execution Petition) के तहत कुर्की का आदेश जारी किया।

किन संपत्तियों की होगी नीलामी?

अदालत ने PWD कार्यालय की चल संपत्तियों को कुर्क कर नीलाम करने का निर्देश दिया है, जिसमें शामिल हैं:

⭐ कार्यालय बिल्डिंग का सामान।

⭐ कुर्सी, मेज और अलमारी।

⭐ एयर कंडीशनर (AC) और अन्य उपकरण।

👉 अदालत का निर्देश:—

न्यायाधीश ने कोर्ट अमीन को आदेश दिया है कि वह इन संपत्तियों को कुर्क कर, उनकी नीलामी करे और उससे प्राप्त 7,16,459 रुपये की डिक्री धनराशि को अदालत के खाते में जमा कराए। अमीन को इस कार्यवाही की रिपोर्ट 22 तारीख तक प्रस्तुत करने का समय दिया गया है।

👉 महत्वपूर्ण जानकारी:—

उत्तर प्रदेश में सरकारी विभागों के खिलाफ इस तरह के आदेश विरल होते हैं, लेकिन यह ठेकेदारों के अधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि आप भी किसी सरकारी विभाग के साथ भुगतान संबंधी विवाद का सामना कर रहे हैं, तो आप UP Public Works Department (PWD) की आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं या कानूनी सलाह के लिए District Court Basti की आधिकारिक वेबसाइट पर केस स्टेटस देख सकते हैं।

 

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