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युवा दिवस पर टीचर्स आईकन अवार्ड 2025 से नवाजे गए हमीरपुर से हरिमोहन गुप्ता, नीलम कौशल एवं आशीष कुमार

युवा दिवस पर टीचर्स आईकन अवार्ड 2025 से नवाजे गए हमीरपुर से हरिमोहन गुप्ता, नीलम कौशल एवं आशीष कुमार

युवा दिवस पर टीचर्स आईकन अवार्ड 2025 से नवाजे गए हमीरपुर से हरिमोहन गुप्ता, नीलम कौशल एवं आशीष कुमार

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राठ (हमीरपुर)। युवा दिवस पर शिक्षा का नया सवेरा व हरिद्वार यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वाधान में चतुर्थ अखिल भारतीय शैक्षिक विमर्श एवं शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र एवं विशिष्ट सेवा मेडल प्राप्त सेवा निवृत्त कर्नल अजय कोठियाल रहे। सम्मान समारोह में देश के 22 राज्यो से आए 145 शिक्षको मे जनपद हमीरपुर के राठ नगर के उच्च प्राथमिक विद्यालय महारानी लक्ष्मीबाई (1–8) में कार्यरत शिक्षिका नीलम कौशल, कंपोजिट विद्यालय सिलौली (मौदहा) से हरिमोहन गुप्ता एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय कम्हरिया (मौदहा) से आशीष कुमार को शैक्षिक उपलब्धियों हेतु “टीचर्स आईकन अवॉर्ड” 2025 से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अतिथिगणों ने आईएसबीएन नंबर युक्त संजय शर्मा ‘वत्स’ के संपादन में नव प्रकाशित पुस्तक “उदघोष:शिक्षा का नया सवेरा” का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन संयोजक संजय वत्स और अर्चना पांडे द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। सेवा निवृत्त कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि युवाओं के विकास में शिक्षा और कौशल अहम भूमिका निभाते हैं। शिक्षा युवाओं के विकास के पथ में महत्वपूर्ण सोपान है, क्योंकि यह समाज और अर्थव्यवस्था को आकार देती है। क्योंकि शिक्षक राष्ट्र की संस्कृति के चतुर माली होते हैं। वे हमारी भावी पीढी में संस्कारों की जड़ों में खाद देते हैं और अपने श्रम से सींचकर उन्हें शक्ति में निर्मित करते हैं। समारोह की अध्यक्षता सी.ए.एस.के. गुप्ता (अध्यक्ष : हरिद्वार यूनिवर्सिटी, रूड़की) ने कहा कि यूनिवर्सिटी स्थापना का उद्देश्य विद्यार्थियों में जिज्ञासा और नवाचार का माहौल विकसित करना। ऐसे क्रांतिकारी अनुसंधान को प्रोत्साहित करना जो वैश्विक चुनौतियों का समाधान करे और ज्ञान और प्रौद्योगिकी की सीमाओं को आगे बढ़ाए। ताकि हमारी यूनिवर्सिटी शिक्षा में एक समग्र दृष्टिकोण विकसित करना जो उच्चतम नैतिक मूल्यों के साथ व्यावसायिक उत्कृष्टता पर जोर देती है। तथा स्नातकों को अपने व्यवसायों में आदर्श बनने के लिए तैयार करती है। पद्‌मश्री डॉ. प्रेमचन्द शर्मा ने कहा कि किसी राष्ट्र के वास्तविक निर्माता उस देश के शिक्षक होते हैं। विकसित, समृद्ध और खुशहाल देश व विश्व के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका ही सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। शिक्षाविद् व साहित्यकार डॉ.नंद किशोर नौटियाल ने कहा कि किसी शिल्पकार एवं कुम्हार की भाँति ही स्कूलों एवं उसके शिक्षकों का यह प्रथम दायित्व एवं कर्त्तव्य है कि वह अपने यहाँ अध्यनरत् सभी बच्चों को इस प्रकार से संवारे और सजाये कि उनके द्वारा शिक्षित किये गये सभी बच्चे ‘विश्व का प्रकाश’ बनकर सारे विश्व को अपनी रोशनी से प्रकाशित कर सकें। सम्मान समारोह के दौरान बीएसए आलोक सिंह हमीरपुर, बीईओ रामगोपाल, जीतेन्द्र कुमार गुप्ता, विवेक कुमार दीक्षित, रूपेन्द्र सिंह, मो अख्तर, भुवनेश तिवारी राठ, मंजीता अहिरवार, हरिप्रकाश कुशवाहा, अखिलेश शुक्ला एवं अन्य शिक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।

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