

बलौदाबाजार, 15 दिसम्बर 2025/
जब इशारों की भाषा बनी संवाद का माध्यम और मुस्कान बनी सबसे बड़ी ताकत—तो नज़ारा कुछ खास ही था। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशानुसार समाज कल्याण विभाग द्वारा संगी मितान सेवा संस्था नशामुक्ति केंद्र, भाटापारा में साइन लैंग्वेज डे को एक यादगार और मनोरंजक अंदाज़ में मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत श्रवण बाधित दिव्यांग बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों से हुई। इशारों में कही गई भावनाएँ, तालियों की गूंज और चेहरे पर चमक—हर प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ खेल, अभिनय और रचनात्मक गतिविधियों ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया।नशामुक्ति का संकल्प—मनोरंजन के संग जागरूकता कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग बच्चों, उनके परिजनों और उपस्थित नागरिकों को नशामुक्ति अभियान की शपथ दिलाई गई। सरल और रोचक शैली में बताया गया कि नशामुक्ति केंद्र कैसे चिकित्सा सहायता, परामर्श और पुनर्वास के माध्यम से जीवन को नई दिशा देता है। वक्ताओं ने हास्य और प्रेरक उदाहरणों के ज़रिये समझाया कि नशा छोड़ना चुनौती है, लेकिन असंभव नहीं—ज़रूरत है समर्पण, सकारात्मक सोच और धैर्य की।महिलाओं और नागरिकों की रही खास भागीदारी
कार्यक्रम में महिलाओं और आम नागरिकों को भी नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका समझाई गई। संदेश साफ था—नशामुक्ति अकेले की लड़ाई नहीं, पूरे समाज की जिम्मेदारी है।प्रतियोगिता, सम्मान और हरियाली का उपहार
विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग बच्चों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं उपस्थित सभी दिव्यांगजनों को सजीव उपहार के रूप में पौधे भेंट किए गए—जो न सिर्फ सम्मान का प्रतीक बने, बल्कि नशामुक्त और हरित भविष्य का संदेश भी दे गए।
कुल मिलाकर, यह आयोजन मनोरंजन, संवेदना और सामाजिक संदेश का ऐसा संगम रहा, जिसने यह साबित कर दिया कि जब इरादे मजबूत हों, तो इशारों की भाषा भी बदलाव की आवाज़ बन सकती है।









