
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। बस्ती: कुदरहा के ठोकवा और मंझरिया में कोटेदारों की खुली लूट, गरीबों के निवाले पर ‘डाका’।।
रविवार 18 जनवरी 26, उत्तर प्रदेश।
कुदरहा (बस्ती)।। उत्तर प्रदेश सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को ठेंगा दिखाते हुए विकास खण्ड कुदरहा के ठोकवा और मंझरिया ग्राम पंचायतों में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था दम तोड़ती नजर आ रही है। यहाँ गरीबों के हक पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है और जिम्मेदार विभाग मौन साधकर तमाशा देख रहा है।
💫घटतौली का खेल: यूनिट पूरी, अनाज अधूरा
ग्रामीणों का आरोप है कि यहाँ कोटेदारों की मनमानी सातवें आसमान पर है। कार्डधारकों को प्रति यूनिट तय मात्रा से काफी कम राशन दिया जा रहा है। जब कोई उपभोक्ता अपने हक की पूरी मात्रा मांगता है, तो उसे ‘पीछे से कम आया है’ जैसे रटे-रटाए बहाने बनाकर टरका दिया जाता है। आलम यह है कि घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी कई ग्रामीणों को ‘आज नहीं, कल आना’ कहकर खाली हाथ वापस भेज दिया जाता है।
💫दबंगई के साये में वितरण
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कोटेदारों का हौसला इतना बुलंद है कि विरोध करने पर वे बदसलूकी और धमकी देने पर उतारू हो जाते हैं। कई पात्र लाभार्थियों को तो आज तक राशन पर्ची तक मुहैया नहीं कराई गई है, जिससे वे सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना से पूरी तरह वंचित हैं।
💫सप्लाई विभाग की चुप्पी पर उठते सवाल
ठोकवा और मंझरिया में राशन घोटाले की गूंज हर गली-चौराहे पर सुनाई दे रही है, लेकिन आपूर्ति विभाग (सप्लाई विभाग) की रहस्यमय चुप्पी कई बड़े सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि बिना विभागीय संरक्षण के इतनी बड़ी लूट संभव नहीं है। बार-बार की शिकायतों के बावजूद अब तक किसी भी उच्चाधिकारी ने मौके पर जाकर जांच करना उचित नहीं समझा।
“हम सुबह से काम छोड़कर लाइन में लगते हैं, शाम को कोटेदार कहता है कि राशन खत्म हो गया। जो मिलता है, वह भी तौल में कम होता है। बोलने पर कोटेदार लड़ने को तैयार हो जाता है।” — पीड़ित ग्रामीण
💫 प्रशासन से न्याय की उम्मीद
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक कुदरहा के इन गरीब ग्रामीणों का शोषण होता रहेगा? क्या जिला प्रशासन इन ‘दबंग’ कोटेदारों पर नकेल कसेगा या फिर साठगांठ का यह खेल इसी तरह निर्बाध चलता रहेगा? क्षेत्र की जनता अब जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रही है।










