
“164 के बयान लंबित, दबाव सक्रिय” — बरगी प्रकरण में पुलिस भूमिका सवालों में
एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म प्रयास जैसे जघन्य अपराध में जहां त्वरित न्याय अपेक्षित था, वहीं आज दिनांक तक पीड़िता के 164 CrPC के बयान न्यायालय में पेश नहीं होना गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
संगठन का आरोप है कि इस बीच शिकायतकर्ता पक्ष और विधि छात्र संगठन पर लगातार दबाव बनाया गया, ताकि मामला कमजोर हो सके।
इसी दबाव की कड़ी में चौकी प्रभारी की ओर से लीगल नोटिस भेजा गया, जिसे संगठन ने “डराने की साजिश” बताया है।
जवाबी कार्रवाई में संगठन ने न केवल कानूनी उत्तर दिया, बल्कि ₹10 करोड़ का मानहानि दावा भी दायर कर दिया।
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