
शक्ति समाचार – अभियोजन का मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि प्रार्थी अभियोक्त्री के पिता (अ.सा. 3) थाना डभरा आकर इस आशय का मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी लड़की अभियोक्त्री जिसकी जन्मतिथि 19.06.2000 है. जो नाबालिक है एवं कक्षा दसवी में पढ़ रही है, दिनांक 20.06.2016 को प्रातः 07.00 बजे जब वह कार्य करने आया था. तब अभियोक्ती घर पर थी, उसकी पत्नी स्नान करने चली गयी थी, अभियोक्त्री पर से बिना बताये कहीं चली गयी है. उसे संदेह है कि उसकी नाबालिक पुत्री को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला फुसलाकर भगाकर ले गया है। प्रार्थी के उक्त शिकायत के आधार पर थाना डभरा द्वारा अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध अपराध क्रमाक 203/2016 अतर्गत धारा 363 भा.द.सं. के तहत प्रथम सूचना पत्र (प्र.पी. 5) पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान दिनांक 03.07.2016 को अभियोक्त्री को उसके पिता दद्वारा पेश करने पर उसके कब्जे से दस्तयाब कर बरामदगी पंचनामा (प्र.पी.-2) तैयार किया गया। बरामदगी के पश्चात अभियोक्त्री का धारा 161 ८०प्र०सं० का कथन महिला पुलिस अधिकारी से कराया गया, जो अपने कथन में दिनांक 20.06.2016 के करीब 12.00 बजे ग्राम परसवानी से आरोपी आरोपी संजय आदित्य द्वारा उसे बहला फुसलाकर शादी का प्रलोभन देकर अपहरण कर रायपुर भाठापारा ले जाकर किराये के मकान में रखकर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया गया बतायी। अभियोक्त्री का 164 द ०प्र०स० का कथन (प्र.पी.-23) जे०एम०एफ०सी० मालखरौदा न्यायालय से कराया गया। अभियोजन का मामला आगे इस प्रकार है कि अभियोक्त्री एवं उसके अभिभावक की सहमति पश्चात अभियोक्त्री का विधिवत महिला डॉक्टर से शारीरिक परीक्षण (प्र.पी-14) करवाया गया। डॉक्टर द्वारा अभियोक्त्री के दो एक्जेलरी हेयर प्यूबिक हेयर एवं वेजाईनल स्लाईड को प्रिजर्व किया गया एवं पुरुष डाक्टर द्वारा आरोपी का शारीरिक परीक्षण रिपोर्ट (प्र०पी०-१) से संभोग करने में सक्षम होना लेख किया गया है। प्रिजर्व प्रदर्शी को रासायनिक परीक्षण हेतु एफ०एस०एल० क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोग शाला बिलासपुर (प०पी० 18) के अनुसार भेजा गया, पदर्श जमा पावती (प्र०पी०-19) सलग्न किया गया एवं एफ०एस०ए० रिपोर्ट (प्र०पी०-20) प्राप्त किया गया। गवाहों के कथन लेखबद्ध किया गया है। आरोपी के विरुद्ध अपराध धारा का पर्याप्त साक्ष्य पाये जाने से एवं अभियोक्त्री घटना दिनांक की नाबालिग होना पाये जाने से प्रकरण में पारा 366, 376 भ। ०द०वि० एवं 4,6 पाक्सो एक्ट जोड़ी गयी। प्रकरण में आरोपी घटना दिनांक से फरार था. आरोपी का पता तलाश कर आरोपी संजय आदित्य को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर घटना करना स्वीकार किया गया उसके पश्चात आरोपी को विधिवत दिनांक 10.01.2020 को गिरफ्तारी पत्रक (प्र.पी-10) अनुसार गिरफ्तार किया गया एवं गिरफ्तारी की सूचना (प्र.पी. 11) उसके परिजन को दिया गया एवं आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। प्रकरण में घटना स्थल का पुलिस द्वारा नजरी नक्शा (प्र.पी. 7) तैयार किया गया एवं हल्का पटवारी से पटवारी नक्शा (प्र.पी-१) प्राप्त किया गया। अभियोक्त्री की उस सुनिश्चित करने के लिये प्रा० शाला “XXXX” से दाखिल खारिज रजिस्टर एवं दाखिल खारिज प्रमाण पत्र जप्ती पक्क (प्र.पी. 12) अनुसार जप्त किया गया। आरोपी द्वारा नाबालिग अभियोक्त्री को बहला फुसलाकर अपहरण करना एवं अभियोक्त्री नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनाकर बलात्कार करने का पर्याप्त साक्ष्य पाये जाने से आरोपी के विरुद्ध प्रकरण में गवाहों का कथन उनके बताये अनुसार लेखचद्ध किया गया। प्रकरण में संपूर्ण विवेचना उपरांत उप पुलिस अधीक्षक के पी मरकाम द्वारा आरोपी के खिलाफ अभियोग पत्र क्रमांक 20/20तैयार कर न्यायालय में पेश किया गया। अभियोजन द्वारा अपने पक्ष में 18 अभियोजन साक्षियों का कथन कराया गया संपूर्ण अभियोजन साक्षियो के कथन उपरांत अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) सक्ती श्रीमती गगा पटेल ने अपने निर्णय दिनांक 25.02.2026 को आरोपी संजय आदित्य पिता बलराम आदित्य उम्र 24 वर्ष निवासी फरसवानी थाना डभरा जिला सक्ती छ.ग. को धारा धारा 363 भादस में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 जुर्माना भादंस की घारा 366 में 5 वर्ष का सश्रम कारावास ३००० जुर्माना एवं 376 की उपधारा2,(झ) एवं6 पाक्सो एक्ट में 10वर्ष का सश्रम कारावास एव 10000रु अर्थदण्ड से दंडित किया अभियोजन पक्ष की ओर से श्री मुन्ना पटेल विशेष लोक अभियोजक (पोक्सो) सक्ती ने पैरवी किया।

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