A2Z सभी खबर सभी जिले कीTechnologyअन्य खबरेहरियाणा

महिलाओं के 33% आरक्षण का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण : महेश आज़ाद

IMG 20260418 WA0145

 

महिलाओं के 33% आरक्षण का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण : महेश आज़ाद

रिपोर्टर इन्द्र जीत प्रजापति

स्थान कालावाली

महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में मंडल महामंत्री महेश आज़ाद ने विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया है। जारी बयान में उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक पहल का विरोध करना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह महिलाओं के अधिकारों के प्रति नकारात्मक सोच को भी उजागर करता है। उनके अनुसार, यह विधेयक देश की मातृशक्ति को राजनीतिक रूप से सशक्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
महेश आज़ाद ने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, खेल, व्यापार और सामाजिक नेतृत्व जैसे हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर चुकी हैं। इसके बावजूद राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उनकी भागीदारी अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान उन्हें निर्णय प्रक्रिया में उचित स्थान दिलाने का माध्यम बनेगा। उन्होंने इसे नारी सशक्तिकरण की दिशा में “ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम” बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) तथा समाजवादी पार्टी जैसे दलों द्वारा इस संविधान संशोधन का विरोध करना अत्यंत निंदनीय है। उनके मुताबिक, यह विरोध दर्शाता है कि ये दल महिलाओं को राजनीतिक रूप से मजबूत देखना नहीं चाहते।
महेश आज़ाद ने कहा कि देश की जागरूक महिलाएं अब अपने अधिकारों को लेकर सजग हैं और वे यह भली-भांति समझती हैं कि कौन-सा दल वास्तव में उनके हित में कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में महिलाएं लोकतांत्रिक तरीके से उन दलों को जवाब देंगी, जो उनके अधिकारों का विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं की दशकों पुरानी मांग और संघर्ष का परिणाम है। यह निर्णय भविष्य की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को नई दिशा देगा और संसद व विधानसभाओं में महिलाओं की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित करेगा।
अंत में महेश आज़ाद ने कहा कि यह विधेयक देश की मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण का प्रतीक है, जिसका हर वर्ग को समर्थन करना चाहिए। महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने की इस पहल का विरोध करना वास्तव में समाज की प्रगति का विरोध है।
— जारीकर्ता: महेश आज़ाद, मंडल महामंत्री

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!