
दरभंगा के कोठिया में आस्था का महासंगम, तीन दिवसीय महाकीर्तन एवं महायज्ञ का श्रद्धापूर्ण समापन
जलवायु परिवर्तन और विश्व शांति के संदेश के साथ संपन्न हुआ भव्य धार्मिक अनुष्ठान
पत्रकार : सीतेश चौधरी | दरभंगा
दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड स्थित कोठिया पंचायत के कोठिया गांव में जलवायु परिवर्तन एवं विश्व शांति की मंगलकामना को लेकर आयोजित तीन दिवसीय महाकीर्तन और महायज्ञ का समापन श्रद्धा, भक्ति और उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। तीन दिनों तक पूरा गांव राममय रहा। धार्मिक अनुष्ठानों में स्थानीय लोगों के साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

कलश यात्रा से हुआ शुभारंभ
तीन जुलाई को कार्यक्रम का शुभारंभ कोठिया घाट से कोठिया मंदिर तक निकली भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ।
यात्रा में महिलाओं, युवतियों और ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भाग लिया। इसके बाद मटकोर की रस्म पूरी की गई।
प्रातः ग्यारह बजे से चौबीस घंटे का अखंड रामधुन संकीर्तन और वैदिक विधि से महायज्ञ प्रारंभ हुआ। पूरे दिन श्रद्धालुओं की उपस्थिति बनी रही।
नगर परिक्रमा से गूंजा पूरा पंचायत क्षेत्र
आयोजन के दूसरे दिन दोपहर एक बजे भक्तों की टोली ने पूरे कोठिया पंचायत की नगर परिक्रमा की।
धार्मिक ध्वज, भजन-कीर्तन और जयघोष के बीच निकली शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।
इसी दिन विवाह कीर्तन का आयोजन भी हुआ। शाम को राम जानकी मंदिर परिसर में भगवान श्रीराम के विवाह और राम कलेवा की झांकी प्रस्तुत की गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
भंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
समापन दिवस पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
महाप्रसाद ग्रहण करने के लिए दूर-दराज के गांवों से भी लोग पहुंचे। पूरे दिन श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा।
इसके बाद ग्रामीणों की सुविधा के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया, जहां अनेक लोगों ने स्वास्थ्य जांच कराई और चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त किया।
“धार्मिक आयोजन तब और सार्थक हो जाते हैं, जब उनमें समाज सेवा और जनकल्याण का भाव भी जुड़ जाए।”
युवाओं ने संभाली व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी
पूरे आयोजन में गांव के युवाओं ने उल्लेखनीय योगदान दिया।
व्यवस्था, अनुशासन, श्रद्धालुओं के स्वागत और कार्यक्रम संचालन से लेकर भंडारे तक हर जिम्मेदारी युवाओं ने समर्पण के साथ निभाई।
ग्रामीणों के सहयोग ने आयोजन को सफल और अनुकरणीय बना दिया।
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वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए सभी अनुष्ठान
आचार्य दुखमोचन झा ने वैदिक परंपरा के अनुसार सभी धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन किया।
मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि और पर्यावरण संतुलन की कामना की।
आयोजन को सफल बनाने में इनका रहा योगदान
यह आयोजन मां अहिल्या मिथिला एसोसिएशन के तत्वावधान में स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से आयोजित किया गया।
आशीष झा और अशोक झा ने आयोजन की अगुवाई की। वहीं प्रमोद झा, श्याम झा, बाबू झा, प्रकाश झा, अभय झा, धनेश्वर झा ‘मनटुन’ सहित अनेक युवाओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रमुख कार्यक्रम एक नजर में
| दिन | आयोजन |
|---|---|
| तीन जुलाई | कलश यात्रा, मटकोर, अखंड रामधुन संकीर्तन, महायज्ञ |
| चार जुलाई | नगर परिक्रमा, विवाह कीर्तन, राम विवाह, राम कलेवा |
| समापन दिवस | विशाल भंडारा, महाप्रसाद वितरण, निःशुल्क चिकित्सा शिविर |
मुख्य बिंदु
- जलवायु परिवर्तन और विश्व शांति के लिए विशेष महायज्ञ।
- तीन दिनों तक अखंड धार्मिक वातावरण।
- भव्य कलश यात्रा और नगर परिक्रमा।
- राम विवाह और राम कलेवा का आयोजन।
- विशाल भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता।
- ग्रामीणों के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर।
- युवाओं और ग्रामीणों का सराहनीय सहयोग।
- सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा का सुंदर उदाहरण।
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कोठिया गांव का यह तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन केवल आस्था का उत्सव नहीं रहा, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक संरक्षण और जनसेवा का भी प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया। जलवायु परिवर्तन और विश्व शांति का संदेश देने वाले इस आयोजन ने लोगों को धर्म, सेवा और सामाजिक सहभागिता के महत्व का संदेश दिया। श्रद्धालुओं का उत्साह और ग्रामीणों का सहयोग इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रहा।











