
झालावाड़ 17 अगस्त। मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में कार्यरत प्लेसमेंट एजेंसियों और ठेका प्रथा के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों को राजस्थान सरकार के संविदा नियमों में शामिल करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर एलायंसमेंट कर्मचारी यूनियन, मेडिकल कॉलेज झालावाड़ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में यूनियन अध्यक्ष कैलाश मेहरा एवं दानमाल मीणा ने ने बताया कि मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट, कंप्यूटर ऑपरेटर, स्टोरकीपर, सुरक्षा गार्ड, इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, पंप ऑपरेटर, वार्ड बॉय सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी प्लेसमेंट एजेंसियों एवं ठेका व्यवस्था के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के दौरान भी इन कर्मचारियों ने जोखिम उठाकर मरीजों की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन वर्तमान ठेका व्यवस्था के कारण उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।
यूनियन ने मांग की कि ‘राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट्स रूल्स, 2022’ के दायरे में प्लेसमेंट एजेंसियों एवं ठेका प्रथा से जुड़े इन कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। साथ ही प्लेसमेंट एजेंसियों की निविदा/टेंडर प्रक्रिया समाप्त कर कर्मचारियों को सीधे मेडिकल कॉलेज अथवा संबंधित संस्था के माध्यम से भुगतान किया जाए, ताकि ठेकेदारों की मध्यस्थता और वेतन भुगतान में होने वाली देरी समाप्त हो सके।
ज्ञापन में सभी ठेका एवं आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने, कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को पर्याप्त इंश्योरेंस एवं अनुग्रह राशि का प्रावधान करने तथा बढ़ती महंगाई को देखते हुए न्यूनतम वेतन में जल्द सम्मानजनक वृद्धि करने की मांग भी उठाई गई।
यूनियन ने मुख्यमंत्री से इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।



