जावरा-सरसी एमपी की गजब शिक्षा एक शिक्षक के भरोसे 2 क्लास और बच्चे 55 शिक्षा विभाग के इस सरकारी ढर्रे और बदहाल स्थिति ने पूरे एजुकेशन सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एकीकृत शासकीय कन्या शाला प्राथमिक विद्यालय जावरा समीप गांव सरसी मैं बच्चों का भविष्य खतरे में नजर आता है। इस मामले में जिम्मेदार भी जमकर कोताही बरत रहे हैं। इस वजह से क्षेत्र में स्कूल शिक्षा के बुरे हाल हैं। यहां बच्चों का
भविष्य संवरने की बजाए अंधकार मेें जाता दिख रहा है वर्तमान में मात्र एक शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ मिड-डे मील के भोजन की व्यवस्थाएं करने के साथ-साथ दूसरे कार्यों की कागजी कार्यवाही भी खुद ही निपटाने को विवश है। आलम यह है कि जरूरी काम से छुट्टी पर जाना हो तो समय पर कभी छुट्टी ही नहीं मिलती। ऐसे में आसानी से समझा जा सकता है सरसी में पढ़ रहे 55 बच्चों को किस तरह की शिक्षा मिल रही होगी। जब बच्चे का आधार ही कमजोर होगा, तो वह आगे क्या कर पाएगा। इसे आसानी से समझा जा सकता है। वही इस मामले में जब हमारे रिपोर्टर ने शिक्षा अधिकारी KC शर्मा से बात की तो उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि मैं इस मामले को संज्ञान में लेकर वरिष्ठ अधिकारों तक अवगत करवाता हूं और जल्दी से जल्दी शिक्षक की नियुक्ति करवाने का प्रयास करता हूं वही संकुल प्राचार्य ने क्या कुछ कहा सुनते है |











