

आरा। आईटीसी के राज्य स्तरीय टीम भोजपुर जिला के बड़हरा प्रखंड गंगा ग्राम पंचायत सिन्हा में एवं आरा सदर प्रखंड के गंगा ग्राम पंचयात इजरी मे ठोस एवं तरल अपशिष्ट कचरा प्रबंधन के तहत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का वास्तविक स्थिति का निरक्षण किया।आईटीसी के इलीशा मैडम ने सिन्हा गंगा ग्राम के महिलाओं से वार्तालाप कर उनको जानकारी भी दी कि कचरा प्रबंधन क्यों करें, आज कचरा प्रबंधन कैसे करे। उन्होंने महिलाओं को बताया कि गीला एवं सूखा कचरा अलग अलग कूड़े दान मे रखे। उसके बाद गांव में जो कचरा प्रबंधन के कार्य करने वाले स्वच्छता के सफाई कर्मी है उनको प्रदान करें।

उन्होंने कहा कि गीला कचरा को डब्लुपीयू के माध्यम से जैविक खाद बनाई जा रही है और सूखा कचरा को डब्लुपीयू पर ले जाकर पृथकीकरण कर कबाड़ी वाले से बेच कर राशि इकट्ठा कर पंचायत के विकास के कार्यों में लगाया जाता है।वहीं अजीत कुमार ने बताया कि हर गांव को सुंदर रखने में गांव की प्रत्येक लोगों की भूमिका अहम होती है।सरकार गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए कई ऐसी योजनाएं चला रही है जिसमें से अपशिष्ट प्रस्करण इकाई एक है।अगर प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी को समझें और अपने घर के कचरे को अपशिष्ट प्रकरण इकाई तक पहुंचाने में सभी को सहयोग करना होगा। हम सभी जानते हैं कि वर्तमान समय में कचरा प्रबंधन किसी भी गांव के लिए कितना जरूरी है अगर हम अपने घरों को साफ रखते हैं तो गांव की साफ रखने की विधि मेरी हमारी ही है। इस सर्वेक्षण के समय जिले से जिला समन्वय रंजन बैठा, जिला समन्वयक विनय कुमार, जिला परियोजना पदाधिकारी अमित कुमार सिंह, आईटीसी के जिला समन्वयक पुष्पांजलि कुमारी और प्रखंड समन्वयक चंद्र दीप उपस्थित रहे। वहीं दोनों प्रखंडों के जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में अपनी बातों को अधिकारियों के सामने रखा।




