
सागर। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज संवाददाता सुशील द्विवेदी । अवसर मिले तो छोटे से गांव की महिला भी आत्मनिर्भरता की ओर अपने कदम बढ़ा सकती है। ऐसा ही कुछ सागर जिले के रहली विकासखंड के ग्राम फुलर की निवासी श्रीमती कीर्ति कुर्मी ने संकुल स्तरीय संगठन समूह से जुड़कर कर दिखाया है। कीर्ति कुर्मी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संकुल स्तरीय समूह से छोटी-छोटी बचत के लिये प्रोत्साहित होकर स्वयं का व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है। श्रीमती कीर्ति कुर्मी बताती है कि मेरे पति श्री रामहिारी कुर्मी खेती का कार्य करते है। उनका पूरा परिवार खेती की आमदनी पर निर्भर था। इस कारण आर्थिक स्थिति कमजोर थी पारिवारिक आमदनी से घर का गुजारा भी मुश्किलों से हो पाता था। फिर एक दिन उन्हें समूह के बारे में पता लगा। समूह से प्राप्त होने वाली सहायता और उसका उपयोग करने की जानकारी भी मिली। जिसमें उन्होंने कपडा दुकान, पशुपालन, सिलाई, खेती अन्य जानकारियां दी। फिर मैंने समूह से जुड़ने का निर्णय लिया और शासन की इस योजना से मुझे ऋण उपलब्ध हुआ। समूह के बताए अनुसार मैंने घर पर ही कपड़े की एक छोटी सी दुकान शुरू की। जिसमें महिलाओं की साड़ियां और बच्चों के कपड़ो से व्यवसाय किया। धीरे-धीरे मेरी दुकान पर आस-पास के गांव के लोग कपडे लेने आने लगे। आज मेरी छोटी सी दुकान से 1000-1500 प्रतिदिन की कमाई होती है। आज मैं गृहणी से कपडा दुकान मालिक बन गई हूं। जिससे मैंने खुद का पक्का घर बनाया लिया और बच्चों की शादी भी कर ली है। सरकार की समूह वाली योजना मेरे परिवार के लिए खुशहाली लेकर आई थी।











