?php echo do_shortcode('[t4b-ticker]'); ?
A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेताज़ा खबरमध्यप्रदेशसागर

बाल विवाह रोकने के लिए उड़नदस्ता दल गठित किया गया

सागर। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज संवाददाता सुशील द्विवेदी। संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देश पर लाडो अभियान अंतर्गत बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को समाप्त करने के जन जागरूकता हेतु उड़न दस्ता गठित किया गया है। गठित दल में सदस्य हेतु समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व , समस्त अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, समस्त जनपद सीईओ / सीएमओ, समस्त परियोजना अधिकारी एवं समस्त विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी हैं। उड़नदस्ता की गठित दल जिला एवं परियोजना स्तर व खण्ड स्तर पर विवाह में सेवा देने वाले सेवाप्रदाताओं, कोरसदस्यों, जनप्रतिनिधियों एवं अशासकीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों का लाडो अभियान के अंतर्गत कार्यशाला का आयोजन किया जाकर उन का संवेदीकरण किया जावे एवं बाल विवाह में अपनी सेवायें न देने की अपील की जायें। अन्तर्विभागीय समन्वय से विवाह मुहूर्तों के अवसर पर ग्रामों में बाल विवाह न करने का परामर्श व बाल विवाह के सूचना हेतु परियोजनास्तर पर एक कंट्रोल रूम बनाया जाकर दूरभाषनं का प्रचार प्रसार किया जावे इसके अतिरिक्त पुलिस थाना, चाईल्डलाईन, कलेक्टर / अनुविभागीय कार्यालय, जिला/परियोजना कार्यालय (आईसीडीएस) एवं विभिन्न विभागों के स्थानीय अधिकारियों के दूरभाष नंबर भी उपलब्ध करायें जावें। 18 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं एवं 21 वर्ष से कम उम्र के बालक की जानकारी एकत्रित कर सूची तैयार की जावे एवं समय पर उनकी निगरानी अनुविभागीय अधिकारी की अध्यक्षता में एवं परियोजना अधिकारी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी खण्ड शिक्षा अधिकारी तथा पुलिस निरीक्षक की टीम के द्वारा निगरानी रखी जावें कि उक्त बालक,बालिका का विवाह तो नहीं हो रहा है। सामूहिक विवाह स्थल मे बालक,बालिकाओं के उम्र संबंधी दस्तावेजों का प्रति परीक्षण अधिकारी/कर्मचारी द्वारा जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल की अंकसूची, आंगनबाड़ी केन्द्र के रिकार्ड से किया जाये। दस्तावेजों के अभाव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मेडिकल प्रमाण पत्र को मान्य किया जावें। सामूहिक विवाह करने वाले आयोजकों से शपथ पत्र प्राप्त करें कि अपने आयोजनों में बाल विवाह संपन्न नहीं करेंगे। इसी तरह प्रिन्टिंग प्रेस, हलवाई, केटरर, धर्मगुरू, बैन्डवाला, ट्रांसपोर्ट एवं समाज के मुखिया से अनुरोध किया जावे कि उम्र संबंधी प्रमाण पत्र प्राप्त कर परीक्षण के उपरांत ही विवाह में सेवायें प्रदाय करेंगे। प्रिन्टिग प्रेस में मुद्रित की जा रही विवाह पत्रिका में “वर वधु की विवाह योग्य विधि अनुरूप मान्य उम्र है” का स्पष्ट उल्लेख करने हेतु जिले के समस्त प्रिंटिंग प्रेस को निर्देशित किया जाए। अनुविभागीय अधिकारी की अध्यक्षता में एवं परियोजना अधिकारी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी तथा पुलिस निरीक्षक की टीम तथा उनके अधीनस्थ अमले द्वारा सागूहिक विवाह सम्मेलन में भम्रण कर वर-वधु के उस संबंधी दस्तावेजों का प्रति परीक्षण किया जावे। उक्तानुसार उड़नदस्तों एवं समस्त संबंधित विभागीय अमले द्वारा जिले में बाल विवाह रोकथाम सुनिश्चित करेंगे।1000042512 10

Check Also
Close
Back to top button
error: Content is protected !!