
प्रखंड समन्वयकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से स्वच्छता अभियान प्रभावित, लोहिया स्वच्छ बिहार मिशन पर पड़ा प्रतिकूल असर


नवादा, बिहार:
बिहार सरकार द्वारा संपूर्ण स्वच्छता की दिशा में चलाए जा रहे लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान को बड़ा झटका लगा है। नवादा जिले के सभी प्रखंड समन्वयक 8 अप्रैल 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे जिले के स्वच्छता से जुड़े कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।
स्वच्छता कार्यों पर असर
लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत ग्राम पंचायतों के सभी वार्डों में घर-घर जाकर कूड़ा उठाव का कार्य नियमित रूप से होता था। इन गतिविधियों की निगरानी, रिपोर्टिंग, और पोर्टल पर प्रविष्टि का जिम्मा प्रखंड समन्वयकों के पास होता है। अब उनके हड़ताल पर चले जाने के कारण यह प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई है।
शौचालय निर्माण कार्य भी प्रभावित
अभियान के तहत शौचालय विहीन परिवारों में शौचालय निर्माण और प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी समन्वयकों के माध्यम से किया जाता रहा है। वर्तमान में सरकार द्वारा महादलित परिवारों में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण का विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है, लेकिन अब यह कार्य भी रुक गया है।
13 सूत्री मांगों को लेकर राज्यव्यापी हड़ताल
गोविंदपुर प्रखंड के समन्वयक से मिली जानकारी के अनुसार, यह हड़ताल राज्य संघ के आह्वान पर शुरू की गई है। समन्वयकों का कहना है कि उनकी 13 सूत्री न्यायोचित मांगों को लेकर विभाग अब तक कोई ठोस पहल नहीं कर रहा है। जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, वे हड़ताल पर डटे रहेंगे।
प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- सेवा स्थायीकरण
वेतनमान का निर्धारण
सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ
कार्य के अनुसार सम्मानजनक मानदेय
भविष्य निधि और पेंशन जैसी सुविधाएं
कार्य की स्पष्ट रूपरेखा और जिम्मेदारियों का निर्धारण
… और अन्य न्यायोचित प्रशासनिक मांगें शामिल हैं।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा निस्तारण और स्वच्छता को लेकर आई रुकावटों से स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। वहीं, जिला प्रशासन और विभागीय स्तर पर अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है।
एक ओर जहां राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और स्वास्थ्य को लेकर सजगता बढ़ाने के प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रखंड समन्वयकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने अभियान की गति को धीमा कर दिया है। अगर जल्द ही इस पर कोई समाधान नहीं निकला, तो इससे स्वच्छता के लक्ष्य को भारी नुकसान हो सकता है।




