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BIG BREAKING NEWS – सहारनपुर से हिलाकर रख देने वाली रिपोर्ट नाबालिगों का निकाह – वायरल वीडियो ने खोली पुलिस की लापरवाही और पार्षद की संदिग्ध भूमिका की परतें!

सहारनपुर में 17 साल 4 महीने की एक नाबालिग लड़की और 17 वर्षीय लड़के का निकाह करवा दिया गया। वीडियो वायरल होते ही शहर में सनसनी फैल गई।

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🔴 BIG BREAKING NEWS – सहारनपुर से हिलाकर रख देने वाली रिपोर्ट
नाबालिगों का निकाह – वायरल वीडियो ने खोली पुलिस की लापरवाही और पार्षद की संदिग्ध भूमिका की परतें!

📍 स्थान: कमेला कॉलोनी और खान आलमपुरा, सहारनपुर
📆 तारीख: 6 मई 2025
🎥 घटना का वीडियो वायरल
📑 सरकारी आदेशों और कानून की खुलेआम अवहेलना


⚠️ कहानी जो चौंका देगी:

आधार कार्ड के अनुसार दोनों नाबालिग हैं। यह “बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006” का सीधा उल्लंघन है।

लेकिन सवाल सिर्फ निकाह का नहीं है —
सवाल है:

  • पुलिस को पहले से सूचना होने के बावजूद वह चुप क्यों रही?

  • समझौते में हस्ताक्षर करने वाला पार्षद किसके हित में काम कर रहा था?

  • क्या सरकार के बाल विवाह रोकने के आदेश कागज़ी खानापूर्ति हैं?


📌 घटना की पूरी पृष्ठभूमि:

  • कुछ समय पहले दोनों नाबालिग भाग गए थे।

  • फिर एक मौजूदा पार्षद, मोहल्ले के लोगों और दोनों परिवारों की मौजूदगी में निगम चौकी में एक समझौता कराया गया।

  • समझौते में निकाह की तारीख तय की गई — 6 मई 2025

  • यह समझौता पत्र पुलिस के पास जमा भी हुआ था।

📹 अब वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि बाकायदा निकाह समारोह हुआ और उसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। पुलिस और पार्षद सब जानते थे – फिर भी चुप रहे।


⚖️ कानूनी पहलू – साफ उल्लंघन:

✔️ 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र के लड़के का विवाह कानूनन अपराध है।
✔️ बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत:

  • 7 साल तक की जेल

  • ₹1 लाख तक का जुर्माना

  • आयोजन, सहायता, सहमति देने वाले सभी दोषी


🧨 अब उठते हैं 5 बड़े सवाल:

1️⃣ पुलिस को पहले से जानकारी थी, फिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
2️⃣ निगम चौकी में जमा समझौते पर पार्षद के हस्ताक्षर कैसे?
3️⃣ क्या पार्षद ने वोट बैंक या दबाव में किया सहयोग?
4️⃣ क्या सहारनपुर में प्रशासनिक ढांचे की ऐसी ही हालत है?
5️⃣ क्या “बेटी बचाओ” अभियान सिर्फ पोस्टरों तक सीमित है?


🔍 जनता और सामाजिक संगठनों की मांग:

  • तत्काल FIR हो

  • पार्षद की सख्त जांच हो

  • निगम चौकी पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई

  • दोनों नाबालिगों को बाल कल्याण समिति को सौंपा जाए

  • विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए


🚨 यह सिर्फ एक निकाह नहीं – एक कानून, एक संविधान और एक बच्ची के भविष्य की हत्या है।

अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार इस गंभीर अपराध पर क्या रुख अपनाते हैं।

📢 जनता कह रही है –
“अब माफ़ी नहीं, कार्रवाई चाहिए!”

✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
जिला प्रभारी – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
📞 संपर्क: 8217554083

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