
धमतरी: सरकार शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई योजनाएं बनाती है लेकिन शिक्षक ही अगर निष्क्रियता और उदासीनता दिखाएं तो बच्चों के परीक्षा परिणाम कैसे होंगे, इसका आप अंदाजा लगा सकते हैं. धमतरी के एक गांव में दर्ज संख्या 34 में सिर्फ आठ बच्चे ही पास हुए हैं बाकी 26 बच्चे फेल हो गए हैं. अब आक्रोशित ग्रामीण और बच्चों के अभिभावक शिक्षक को हटाने की मांग कर रहे हैं.
ग्रामीणों की कार्रवाई की मांग: धमतरी में गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्कूली बच्चे और उनके अभिभावक कलेक्ट्रेट पहुंचे. शासकीय हाई स्कूल लोहरसी में पदस्थ गणित की व्याख्याता और प्रभारी प्राचार्य पर कार्रवाई कर स्कूल से हटाने की मांग की गई.
प्रभारी प्राचार्य को हटाने की मांग (Vande Bharat news Dhamtari)
दसवीं का रिजल्ट खराब: ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में इस बार दसवीं के रिजल्ट काफी खराब रहा है. 34 छात्र छात्राओं में 5 बच्चे पास हुए हैं. तीन बच्चे ग्रेस में पास हुए हैं और 26 बच्चे फेल हो गए हैं.
परीक्षा परिणाम: शाला विकास समिति के अध्यक्ष मनीष साहू ने कहा कि शासकीय हाई स्कूल लोहारसी में पदस्थ गणित की व्याख्याता ममता साहू और प्रभारी प्राचार्य कांति भारद्वाज द्वारा बच्चों के पढ़ाई के क्षेत्र में निरंतर निष्क्रियता व गुणवत्ताहीन रहा है. मनीष साहू ने बताया कि कक्षा में पढ़ाई के दौरान गाइड का अधिक उपयोग किया जा रहा है. जिसके चलते बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है. लगातार स्कूल में परीक्षा परिणाम हर साल गिरते जा रहा है. गांव के बच्चे स्कूल में प्रवेश नहीं लेना चाहते और टीसी की मांग करते हैं.
अभिभावकों ने खोला मोर्चा: अभिभावक सावित्री सिन्हा और धनेश्वरी सिन्हा ने बताया कि वह मजदूरी करके अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं. स्कूल में इस तरह से लापरवाही के चलते उनके बच्चे लगातार फेल हो रहे हैं मजदूरी करने वाले हम पालक अपने बच्चों को ट्यूशन कैसे पढ़ाएंगे ऐसे निष्क्रिय शिक्षकों को हटाया जाए यही हमारी मांग है.
अधिकारी ने दिया जांच का भरोसा: अपर कलेक्टर इंदिरा सिंह का कहना है कि लोहरसी के ग्रामीणों द्वारा स्कूल में परीक्षा परिणाम को लेकर आवेदन दिया गया है. जांच के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा गया है. जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
ब्यूरो चीफ
Vande bharat news
Dhamtari C.G.




