
सागर। वंदे भारत लाईव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शासकीय महाविद्यालय मकरोनिया भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के अंतर्गत वसुधैव कुटुंबकम की भारतीय अवधारणा विषय पर व्याख्यान माला का आयोजन किया गया । महाविद्यालय प्राचार्य प्रो ए.सी. जैन के मार्गदर्शन में कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. डी. एन. नामदेव द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया । कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री संतोष कुमार कोरी द्वारा प्रेजेंटेशन के माध्यम से वसुधैव कुटुंबकम की प्राचीन भारतीय अवधारणा पर प्रकाश डाला गया । कोरी जी द्वारा बताया की सामाजिक समरसता की भावना हमारी सांस्कृतिक पहचान है । प्राचीन भारतीय संस्कृति विश्व शांति और सद्भाव की कामना करती है । वर्तमान में वैश्विक पर्यावरणीय समस्याओं को पृथ्वी के प्रति मानव समुदाय की जिम्मेदारी के माध्यम से ही दूर किया जा सकता है । भाषा, धर्म, राजनीति, व्यापार और साहित्य वैश्विक धरातल को एकाकार कर सकते हैं । कार्यक्रम में इतिहास विभाग की प्राध्यापक डॉ ऋतु विश्वकर्मा द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि भारतीय संस्कृति में पृथ्वी को माता माना गया है । इस नाते पृथ्वी की सभी मानव जाति एक ही परिवार का हिस्सा है । भारतीय संस्कृति की इसी अवधारणा और मूल्यों ने विदेशों से आनी वाली सभी जातियों को अंगीकार किया है । जाति, धर्म, वेशभूषा एवं भाषा की विविधता होने के बाद भी हमारी सांस्कृतिक एकता ही हमारी पहचान है । महाविद्यालय की छात्रा कु. पूना कटारे द्वारा भी अपना भाषण प्रस्तुत किया गया । छात्रा ने अपने भाषण में बताया कि वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा परस्पर एकता और जुड़ाव का प्रतीक है । यह अवधारणा ही भारतीय विदेश नीति का मार्गदर्शक सिद्धांत है । कार्यक्रम का संचालन डॉ. रामकुमार तिवारी द्वारा एवं आभार प्रदर्शन कार्यक्रम के संयोजक डॉ. कमलेश दुबे द्वारा किया गया । कार्यक्रम में डॉ. नीलेश राय, डॉ. श्री नारायण पाण्डे, डॉ. शुभम नामदेव, सहित लगभग 80 से अधिक विद्यार्थी उपस्थित रहें ।


