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भाजपा की योगी सरकार गन्ने का लाभकारी मूल्य ₹700 कुंतल तत्काल करे घोषित- भगत सिंहवर्मा।

देवबंद 15 सितंबर 2025IMG 20250915 WA0013 1

प्रदेश की चीनी मिलों से गन्ना किसानों को ब्याज का भुगतान कराया जाए – भगत सिंह वर्मा।

देवबंद -आज यहां सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड देवबंद में सामान्य निकाय की बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन वर्मा व पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि कृषि यंत्र खाद बीज दवा डीजल लेबर लगातार महंगे होने के कारण गन्ना उत्पादन लागत बढ़ती जा रही है। महंगाई के कारण गन्ना उत्पादन लागत 550 रुपए कुंतल हो गई है। जबकि प्रदेश सरकार गन्ना किसानों को मात्र ₹370 रुपए कुंतल के रेट से भी समय से गन्ना किसानों को चीनी मिलों से गन्ना भुगतान नहीं करा पा रही है। जिसके कारण प्रदेश के गन्ना किसान लगातार कर्ज बंद होते जा रहे हैं और अपने खर्च भी नहीं चला पा रहे हैं। गन्ना किसानों पर लगातार कर्ज बढ़ता जा रहा है। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि बढ़ती हुई लागत को देखते हुए भाजपा की योगी सरकार गन्ने का लाभकारी मूल्य ₹700 कुंतल तत्काल घोषित करें। वर्ष 1967 में 20 पैसे लीटर डीजल था 125 रुपए प्रति 10 ग्राम सोने का दाम था प्राइमरी स्कूल के मास्टर की नौकरी ₹70 प्रति माह की। जो आज 500 गुना से 1000 गुना तक बढ़ गई है। इस हिसाब से तो गन्ने का मूल्य कम से कम ₹10000 कुंतल होना चाहिए। डॉ एम एस स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सीटू प्लस 50 के अनुसार भी गन्ने का मूल्य 825 रुपए कुंतल होना चाहिए। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि भारत सरकार के शुगर कंट्रोल ऑर्डर 1966 के अनुसार जो चीनी में 14 दिन के अंदर गन्ना किसानों को भुगतान नहीं करती है उन्हें 15% वार्षिक दर से ब्याज का भुगतान होना चाहिए। उत्तर प्रदेश की 121 चीनी मिलों पर पिछले वर्षों में देरी से किए गए गन्ना भुगतान पर लगा ब्याज 18000 करोड रुपए बकाया है जिसे प्रदेश सरकार तत्काल गन्ना किसानों को दिलाने का काम करें। चीनी मिलों से गन्ना किसानों को ब्याज दिलाने के आदेश माननीय हाईकोर्ट और माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी किए हुए हैं। इसके बावजूद भी प्रदेश सरकार गन्ना किसानों को चीनी मिलों से ब्याज का भुगतान करा नहीं रही है। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि गन्ना उत्पादन में लागत कम करने के लिए केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार मिलकर मनरेगा योजना को सीधा खेती से जोड़कर किसानों को मजदूर उपलब्ध कराने का काम भी करें। आज मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार के अलावा कोई दूसरा काम नहीं है। भगत सिंह वर्मा ने किसानों से जाति बिरादरी व धर्म से ऊपर उठकर संगठित होकर अपने हकों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।

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