

प्रेमी की चाहत ने छीनी पति की जान: सुल्तानपुर में पत्नी–प्रेमी की खौफनाक साजिश, हत्या के बाद काटा प्राइवेट पार्ट
सुल्तानपुर/अमेठी।
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों की मर्यादा और इंसानियत दोनों को शर्मसार कर दिया। अमेठी निवासी विनोद बनवासी की बेरहमी से हत्या की गुत्थी ने न केवल पुलिस को सकते में डाल दिया, बल्कि पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। इस दिल दहला देने वाली वारदात के पीछे उसकी अपनी पत्नी रामरति और उसके प्रेमी सोनू नट का नाम सामने आया है। पुलिस ने जांच में पाया कि दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे और इस नाजायज़ रिश्ते को बचाने तथा पति को रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने मिलकर यह खौफनाक साजिश रची थी।
पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार घटना 16 सितम्बर की है। उस दिन सोनू नट ने चालाकी से विनोद को अपने साथ बुलाया और पहले उसे शराब पिलाई। शराब के नशे में धुत्त विनोद को वह सुल्तानपुर के धमौर थाना क्षेत्र के जैतापुर नहर किनारे ले गया। वहां पहले से हत्या की पूरी योजना बनाई गई थी। सोनू ने पहले ईंट से विनोद पर वार किया, लेकिन जब उसकी जान नहीं गई तो उसने चाकू निकालकर एक के बाद एक वार किए और विनोद की हत्या कर दी। इतना ही नहीं, अपराध की क्रूरता यहीं खत्म नहीं हुई। सोनू ने हत्या के बाद विनोद का प्राइवेट पार्ट काट डाला ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके और घटना को अन्य रूप में पेश किया जा सके।
वारदात के बाद शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने तफ्तीश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले पत्नी रामरति की गतिविधियों पर नजर डाली। पूछताछ और कॉल डिटेल्स की छानबीन में यह सामने आया कि रामरति की मोबाइल से सोनू नट को लगातार कॉल जा रही थीं। दोनों के बीच गहरे संबंधों की पुष्टि हुई तो पुलिस का शक यकीन में बदल गया। जब रामरति को कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने कबूल कर लिया कि उसने ही पति की हत्या का प्लान बनाया था और सोनू ने उसे अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
इस हत्या ने न सिर्फ एक परिवार को तबाह कर दिया, बल्कि समाज को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि अवैध संबंध किस हद तक इंसान को अंधा कर सकते हैं। पड़ोसियों और ग्रामीणों के अनुसार विनोद मेहनतकश इंसान था और परिवार के लिए संघर्ष करता था। किसी को भी अंदाज़ा नहीं था कि उसकी पत्नी और उसका प्रेमी इस तरह की खतरनाक योजना बना सकते हैं। घटना के बाद गांव में आक्रोश और हैरानी का माहौल है। लोग कह रहे हैं कि एक पत्नी, जिसने पति का साथ जीवनभर निभाने की कसमें खाई थीं, वही उसकी मौत का कारण बनी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला उनके लिए भी एक चुनौती था। जिस तरह से अपराध को अंजाम दिया गया और हत्या के बाद प्राइवेट पार्ट काटा गया, उससे जांच को कई कोणों से करना पड़ा। लेकिन कॉल डिटेल्स और मोबाइल लोकेशन ने पूरी सच्चाई सामने ला दी। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अपराधों में तकनीकी साक्ष्य बड़ी भूमिका निभाते हैं और यही वजह रही कि आरोपी बहुत जल्द पकड़ लिए गए।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में धारा 302 (हत्या) के साथ षड्यंत्र और अन्य गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत हुआ है और दोनों आरोपियों को कठोर सजा मिलना तय है। वहीं सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और नैतिक पतन की तस्वीर भी है। जब रिश्तों की पवित्रता लालच और वासना के आगे हार जाती है, तो परिणाम इसी तरह के खतरनाक अपराध के रूप में सामने आते हैं।
सुल्तानपुर की यह घटना एक गहरी सीख भी देती है कि नाजायज़ रिश्ते कभी भी स्थायी समाधान नहीं होते, बल्कि वे अंततः अपराध, कलंक और तबाही की ओर ही ले जाते हैं। विनोद की हत्या से जहां एक परिवार उजड़ गया, वहीं पत्नी और उसका प्रेमी अब उम्रभर जेल की सलाखों के पीछे सड़ेंगे। इस वारदात ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि छल और विश्वासघात की बुनियाद पर खड़े रिश्ते कभी सुख का कारण नहीं बन सकते।
✍️ रिपोर्ट : एलिक सिंह
संपादक – समृद्ध भारत समाचार पत्र
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