
गुरुजन स्मृति महोत्सव श्रद्धा समर्पण और दिव्या प्रेम का अनुपम समागम श्री महंत विष्णु दास महाराज हरिद्वार
श्री रघुवीर भवन श्रवण नाथ नगर हरिद्वारमें साकेतवासी परमात्मा स्वरुप प्रातः स्मरणीय महंत दयाराम दास जी महाराज की पावन स्मृति में दशम पावन स्मृति महोत्सव तथा विशाल संत भंडारे का आयोजन किया गया इस अवसर पर बोलते हुए प्रातः स्मरणीय परम वंदनीय गुरु भगवान श्री महंत विष्णु दास जी महाराज ने कहागुरु स्मृति महोत्सव श्रद्धा, समर्पण और दिव्य प्रेम का अनुपम संगम है। यह वह पावन अवसर है जब भक्त अपने सतगुरु की स्मृतियों को हृदय में संजोकर उनके चरणों में कृतज्ञता अर्पित करते हैं। इस महोत्सव के माध्यम से जीवन में नव चेतना का संचार होता है और आत्मा में आध्यात्मिक जागरण की ज्योति प्रज्वलित होती है।सतगुरु इस पृथ्वी लोक पर ईश्वर की करुणा का साकार रूप हैं। वे अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। उनका सान्निध्य जीवन को नई दिशा देता है और उनके उपदेश हृदय को निर्मल बनाते हैं। सतगुरु की कृपा के बिना ईश्वर की प्राप्ति संभव नहीं, क्योंकि वही आत्मा को परमात्मा से जोड़ने वाले पावन सेतु हैं।सतगुरु के चरण तीर्थ के समान पवित्र हैं। उनके चरणों में बैठकर जो शांति और आनंद प्राप्त होता है, वह संसार के किसी भी सुख से बढ़कर है। उनकी कृपा अमृतधारा के समान है, जो जीवन के कष्टों को हर लेती है और हृदय को प्रेम तथा संतोष से भर देती है इस अवसर पर बोलते हुए आश्रम के महंत श्री प्रमोद दास जी महाराज ने कहाउत्तराखंड राज्य के पवित्र नगर हरिद्वार की दिव्य भूमि पर जब यह गुरु स्मृति महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया, मेरे गुरु भगवान साकेत वास दयाराम दास जी महाराज इस पृथ्वी लोक पर ज्ञान का एक विशाल सागर उन्होंने एक सुंदर भजन सुनते हुए कहा सतगुरु तारणहार है सतगुरु ही मेरे राम सतगुरु परम करतार हैं सतगुरु तारे भव पार जिसे सुनकर सब मस्त भक्तजन भक्ति में झूम नाचे गाने लगे और संपूर्ण वातावरण भक्ति रस से परिपूर्ण हो उठा। गंगा तट की पावन वायु में भजन, कीर्तन और सत्संग की मधुर ध्वनियाँ गूंज उठीं। भक्तों की आँखों में श्रद्धा के आँसू थे और हृदय में अटूट विश्वास। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं गंगा माता भी इस दिव्य उत्सव की साक्षी बनकर आशीर्वाद प्रदान कर रही हों।
गुरु स्मृति महोत्सव हमें यह संदेश देता है कि यदि हम अपने सतगुरु के बताए मार्ग पर अटल श्रद्धा और सच्चे मन से चलें, तो हमारा जीवन प्रकाशमय, आनंदमय और सार्थक बन सकता है। बाबा हठ योगी महाराज ने कहा यह महोत्सव आत्मा के उत्थान और मानवता के कल्याण का दिव्य संदेश देने वाला महान आध्यात्मिक पर्व है। इस अवसर पर महंत नारायण दास पटवारी महाराज महामंडलेश्वर श्याम दास महाराज पंजाबी बाबा महंत ज्ञानानंद महाराज महंत प्रेमदास महाराज महंत हरिदास महाराज महंत सीताराम दास महाराज कोतवाल धर्मदास महाराज कोतवाल कमल मुनि महाराज कोतवाल रामदास महाराज सहित भारी संख्या में अनेकों मठ मंदिर आश्रमों से आए संत महापुरुषों ने भंडारे में भोजन प्रसाद ग्रहण किया








