
संतकबीरनगर
।। धर्मसिंहवा थानाध्यक्ष अभिमन्यु सिंह पर महिला ने लगाए गंभीर आरोप, रिश्वत, मारपीट और अभद्रता का दावा।।
संतकबीरनगर जिले के धर्मसिंहवा थाने के थानाध्यक्ष (SO) अभिमन्यु सिंह एक महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद विवादों में घिर गए हैं। मोना पत्नी अजय नामक प्रार्थिनी ने पुलिस महानिदेशक (DGP) लखनऊ को संबोधित एक शिकायती पत्र भेजा है, जिसमें थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मियों पर रिश्वत मांगने, मारपीट करने और अभद्रता करने का आरोप लगाया गया है।
👉 आरोपों का विस्तृत विवरण—
शिकायत पत्र में, प्रार्थिनी मोना, जो ग्राम रजवापुर कंकाली की निवासी है, ने घटना की तारीख 06/10/2025 बताई है।
👉 पति की गिरफ्तारी और मारपीट —
प्रार्थिनी के अनुसार, सुबह लगभग 9:00 बजे थाना धर्मसिंहवा के दो पुलिसकर्मी उसके मायके (भुलकी, धर्मसिंहवा) आए और उसके पति को गाली-गलौज करते हुए गिरफ्तार कर लिया और थाने ले गए। जब मोना ने गिरफ्तारी का कारण पूछा, तो पुलिसकर्मियों ने उसे भी भद्दी-भद्दी गालियां दीं और दो-तीन थप्पड़ मारे।
👉 50,000 रुपये की रिश्वत मांग —
मोना का आरोप है कि पति को थाने ले जाने के कुछ देर बाद ही (सुबह 10:17 बजे) पुलिस द्वारा उसके मोबाइल नंबर पर फोन आया और उसे 50,000/- रुपये लेकर थाने आने और पति को छुड़ाने के लिए कहा गया। प्रार्थिनी ने इतना पैसा न होने की बात कहकर असमर्थता जताई।
👉 अभद्रता और जान से मारने की धमकी:—
शिकायत के अनुसार, उसी दिन रात लगभग 07:30 बजे जब प्रार्थिनी अपने पति को लेने के लिए दोबारा थाने पहुंची, तो पुलिस द्वारा पैसे की मांग दोहराई गई। पैसे की व्यवस्था न होने की बात सुनकर दरोगा अभिमन्यु सिंह कथित तौर पर भड़क गए। उन्होंने प्रार्थिनी को अश्लील शब्द कहे, गाली-गलौज की और धमकी देते हुए कहा कि “कल तक 50,000/- की व्यवस्था करके नहीं लाई तो तुम जानोगी।”
👉 उच्च स्तरीय कार्रवाई की मांग—
महिला ने शिकायती पत्र के अंत में श्रीमान डीजीपी महोदय से निवेदन किया है कि दरोगा अभिमन्यु सिंह सहित अन्य दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तत्काल और कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए।
इस संवेदनशील मामले ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपों की सत्यता की पुष्टि और आगे की पुलिसिया कार्रवाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
👉आरोप बेबुनियाद एसओ—
एसओ धर्मसिंहवा अभिमन्यु सिंह ने बताया कि महिला मोना द्वारा लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद है। एक लड़की ने 1090 पर फोन कर एक लड़के के खिलाफ कंप्लेंट किया था, थाने के दरोगा पूछताछ के लिए युवक के घर से महिला के पति को लाए थे बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।















