

हरदोई भारतीय किसान यूनियन स्वराज में इन दिनों अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। जिला अध्यक्ष की कार्यशैली से नाराज़ होकर सैकड़ों कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को संगठन से बाहर किए जाने की खबर से संगठन में भारी आक्रोश व्याप्त है।
सूत्रों की मानें तो कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने जिला अध्यक्ष पर एकतरफा निर्णय लेने और संवादहीनता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बिना सामूहिक चर्चा के लिए गए फैसलों ने संगठन की एकता को कमजोर किया है।
मामला अब शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुका है। शीर्ष नेतृत्व के आवाहन पर जिला अध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर गहन मंथन जारी है। संगठन के उच्च स्तर से आश्वासन दिया गया है कि बहुत शीघ्र ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी और आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।
इस बीच समस्त पदाधिकारियों से धैर्य बनाए रखने और संगठन की मर्यादा का पालन करने की अपील की गई है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या संगठन में हुआ यह विघटन केवल जिला अध्यक्ष की कार्यशैली का परिणाम है, या इसके पीछे कोई आंतरिक रणनीति और गुटबाजी भी जिम्मेदार है?
अब सभी की निगाहें शीर्ष नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं।








