
वंदेभारतलाइवटीव न्युज, गुरूवार 26 फरवरी 2026।
=====-: केंद्र सरकार ने आज गुरूवार 26 फरवरी 2026 को यह स्पष्ट कर दिया कि सिमकार्ड बाइंडिंग के नियमों को लागू किए जाने की तारीख 28 फरवरी 2026 की डेडलाइन को बढ़ाया नहीं जायेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार नये नियमो के अनुसार मोबाईल फोन में सिमकार्ड नहीं होने पर व्हाटसएप, टेलीग्राम, सिग्नल, शेयरचैट, स्नेपचैट, जियोचैट आरटाई जैसे मैसेजिंग एप्प काम नहीं करेगें। जानकारी के अनुसार कम्प्यूटर पर लाॅगिन व्हाटसएप भी छह घंटे में लाॅगआउट हो जाएगा। केंद्र सरकार का दावा है कि इससे साइबर ठगी धोखेबाजी का पता लगाने में आसानी होगी। अभीतक व्हाटसएप का वेब वर्जन कई दिनों तक लाॅगिन रहता था, और अफ से ऐसा नहीं हो पायेगा। 01 मार्च 2026 से व्हाटसएप चलाने के लिए नियम बदल जायेंगे। 01 मार्च से व्हाटसएप चलाने के लिए मोबाईल फोन में रजिस्टर्ड सिमकार्ड का होना और सिमकार्ड का एक्टिव सोना जरूरी हो जायेगा। अभीतक मोबाईल से सिमकार्ड निकाल देने पर भी एप्प चलता रहता है। सुरक्षा के छह घंटे में अपने आप ही लाॅगआउट हो जायेगा। अभीतक एक बार लाॅगिन करने पर कई दिनों तक व्हाटसएप और वेब एक्टिव रहता है। सिमकार्ड बाइंडिंग के बिना एप्प काम करना बंद कर देगा, अभीतक ओटीपी के माध्यम से कहीं भी लाॅगिन करना संभव है। कंपनियों को 120 दिन में पालन की रिपोर्ट देनी जरूरी होगी, अभीतक कोई विशेष पेनल्टी या रिपोर्टिंग की जरूरत नही थी। सिमकार्ड बाइंडिंग एक प्रकार से सुरक्षा कवच है। यह आपके मैसेजिंग एप्प को आपके फिजिकल सिमकार्ड के साथ लाॅक कर देता है। इससे यह फायदा होगा कि कोई भी हैकर या साइबर ठग आपके मोबाईल नंबर का उपयोग किसी अन्य दूसरे डिवाइस पर बैठकर नही कर सकेगा। जब आप किसी एप्प को सिमकार्ड बाइंडिंग से जोड़ते हैं तो वह एप्प तभी खुलेगा, जब आपका रजिस्टर्ड सिमकार्ड उसी मोबाईल फोन के अंदर मौजूद रहेगा। यह नियम 01 मार्च 2026 से प्रभावशाली हो जायेंगे 01 मार्च से व्हाटसएप यूजर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका व्हाटसएप जिस नंबर पर है वह सिम उसी मोबाईल फोन में लगा हुआ है। यदि सिमकार्ड मोबाईल फोन से बाहर निकाला गया है, तो मैसेजिंग एप्प काम नहीं करेंगे।














