A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेउत्तर प्रदेशताज़ा खबरदेश

सहारनपुर का समर्थ हॉस्पिटल चौक बना ‘मिनी दिल्ली’: ट्रैफिक पुलिस बेबस, जनता रोज जाम में कैद

पर मंत्री आते ही सड़कें अचानक चकाचक कैसे हो जाती हैं?

WhatsApp Image 2025 11 17 at 2.44.29 PM

सहारनपुर का समर्थ हॉस्पिटल चौक बना ‘मिनी दिल्ली’: ट्रैफिक पुलिस बेबस, जनता रोज जाम में कैद – पर मंत्री आते ही सड़कें अचानक चकाचक कैसे हो जाती हैं?

सहारनपुर का समर्थ हॉस्पिटल चौक इन दिनों शहर की सबसे बड़ी ट्रैफिक त्रासदी बन चुका है, जहाँ सुबह के ऑफिस टाइम से लेकर देर शाम तक ऐसा जाम लगता है कि लोग अपने वाहन नहीं, बल्कि अपनी किस्मत को धक्का मारते हुए आगे बढ़ते हैं। एम्बुलेंस घंटों तक सायरन बजाती रह जाती है, मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले ही थक जाता है, स्कूली बच्चे जाम में ऐसे फंसते हैं जैसे किसी फिल्म के क्लाइमेक्स में अटक गई कहानी, और आम जनता रोजाना इसी चौक की बदइंतज़ामी का बोझ झेलते हुए घर पहुंचती है। चौक पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी खुद यह तय नहीं कर पाते कि किस गाड़ी को रोकना है और किसे चलाना है, क्योंकि चौक पर गाड़ियों की भीड़ ऐसे बेकाबू होती है जैसे बिना निर्देशक का कोई बड़ा सिनेमाई सेट। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि जैसे ही खबर मिलती है कि कोई मंत्री, बड़ा नेता या सरकारी अधिकारी सहारनपुर दौरे पर आने वाला है, उसी समर्थ हॉस्पिटल चौक का पूरा चेहरा एकदम बदल जाता है। प्रशासन में ऐसी फुर्ती आ जाती है कि सड़कें झाड़–पोंछकर चमका दी जाती हैं, ट्रैफिक अचानक अनुशासित हो जाता है, अवैध पार्किंग रातोंरात गायब कर दी जाती है, और शहर ऐसा दिखता है जैसे सहारनपुर नहीं, कोई मॉडल सिटी हो। तो क्या ट्रैफिक सिर्फ नेताओं की विज़िट पर ही सुधारता है? जनता नहीं चाहती कि शहर सिर्फ VIP के लिए चमके—जनता चाहती है कि रोजमर्रा के लिए भी वही व्यवस्था हो, वही अनुशासन हो। लेकिन अफसोस, सहारनपुर में आम जनता को ट्रैफिक जंग रोजाना लड़नी पड़ती है और VIP को सिर्फ कुछ घंटों का ‘रॉयल पास’ मिलता है।

सबसे बड़ा कारण बाजोरिया रोड है, जिसने पूरे समर्थ हॉस्पिटल चौक की हालत बिगाड़ रखी है। यहां डॉक्टरों का ऐसा साम्राज्य खड़ा हो चुका है, जहाँ बिना पार्किंग, बिना नक्शा पास किए क्लीनिक और छोटे अस्पतालों का जाल फैल चुका है। मरीजों के वाहन सड़क पर खड़े रहते हैं, डॉक्टरों की क्लीनिकों के बाहर दो-दो लाइन में गाड़ियां जमा होती हैं और फुटपाथ पर दुकानों ने चाल चलने तक की जगह छीन ली है। यह वही रोड है जहां सबसे ज्यादा जाम लगता है, और यही जाम सीधे समर्थ हॉस्पिटल चौक को ठप्प कर देता है। प्रशासन जानता है कि डॉक्टरों की यह लापरवाही और गलत पार्किंग ट्रैफिक की सबसे बड़ी जड़ है, मगर कार्रवाई सिर्फ कागज में होती है, जमीन पर नहीं। जनता का गुस्सा अब यह सवाल बनकर सामने आ रहा है—क्या सहारनपुर में ट्रैफिक नियंत्रण सिर्फ नेताओं के लिए है? क्या जनता VIP नहीं? जब प्रशासक और पुलिस चाहें, तो एक VIP मूवमेंट के लिए पूरा शहर दुरुस्त हो सकता है, तो फिर जनता को रोज इस नारकीय ट्रैफिक से क्यों गुज़रना पड़ता है? अगर प्रशासन डॉक्टरों की अवैध पार्किंग हटाने, अतिक्रमण साफ करने और चौक के चारों ओर ठोस ट्रैफिक प्लान लागू करने में थोड़ी भी सख्ती दिखाए, तो समर्थ हॉस्पिटल चौक की तस्वीर बदल सकती है। लेकिन जब तक यह नहीं होता, तब तक यह चौक ‘मिनी दिल्ली’ नहीं बल्कि ‘मिनी कष्टभूमि’ ही बना रहेगा, जहाँ रोजाना जनता पिसती है और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे तमाशा देखता है।


रिपोर्टर – एलिक सिंह

8217554083

Show More
Check Also
Close
Back to top button
error: Content is protected !!