

चंडीगढ़ के रोज गार्डन में सहारनपुर की दीक्षा ठाकुर का रक्तरंजित शव मिलने से सनसनी — महिला शौचालय में मिला शरीर, गले पर गहरे कट के निशान, चाकू बरामद; पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों कोणों से कर रही जाँच
चंडीगढ़ के हरे-भरे और खूबसूरत जाकिर हुसैन रोज गार्डन में 28 नवम्बर 2025 की सुबह उस समय मातम की काली परछाईं फैल गई, जब उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की 30 वर्षीय महिला दीक्षा ठाकुर का खून से लथपथ शव पार्क के अंदर बने महिला शौचालय से बरामद किया गया। दीक्षा मोहाली के एक निजी पीजी में रह रही थीं और चौपाल टीवी में ग्राहक सेवा कार्यकारी के रूप में कार्यरत थीं।
पुलिस के अनुसार जब सुबह के समय पार्क में घूमने आए कुछ लोग महिला शौचालय की ओर गए, तो अंदर का दृश्य देखकर दहशत में आ गए। शव फर्श पर पड़ा हुआ था, खून के धब्बे दीवार और ज़मीन पर दूर तक फैले थे। मृतिका के गले पर धारदार हथियार से काटे जाने का गहरा निशान साफ दिखाई दे रहा था। शरीर के पास ही एक चाकू भी पुलिस द्वारा अपने कब्जे में लिया गया, जिस पर खून के धब्बे मौजूद थे, जिससे यह मामला गंभीर अपराध या किसी षडयंत्र की ओर इशारा करता है।
दीक्षा एक 3 वर्ष के मासूम बेटे की माँ थीं। पारिवारिक सूत्रों से जानकारी मिली कि वह पिछले एक वर्ष से अपने पति से अलग रह रही थीं और अकेले ही मोहाली में रहकर अपने बेटे का पालन–पोषण कर रही थीं। हालांकि निजी जीवन में अलगाव था, लेकिन बेटे के प्रति उनका लगाव और जिम्मेदारी हमेशा मजबूत दिखती थी। ऐसे में आत्महत्या का एंगल भी सवालों के घेरे में है, वहीं जिस तरह से शव मिला, उसने हत्या की आशंका को और गहरा कर दिया है।
सूचना मिलते ही पंजाब पुलिस की टीम तथा फॉरेंसिक दल तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे। शौचालय वाले क्षेत्र को सील कर साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। पुलिस पार्क के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दीक्षा आखिरी बार किसके संपर्क में थीं और शौचालय में वह अकेली पहुँची थीं या कोई और भी उनके साथ अंदर गया था।
दीक्षा के साथ काम करने वाले सहयोगियों ने कहा कि वह शांत, सौम्य और मेहनती महिला थीं। हाल के कुछ दिनों से वह निजी जीवन में तनावग्रस्त जरूर दिख रही थीं, लेकिन उन्होंने कभी भी ऐसे आत्मघाती कदम उठाने जैसा संकेत नहीं दिया था। पुलिस अब पीजी में उनके कमरे की भी तलाशी ले रही है और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, संदेश, चैट और डिजिटल साक्ष्यों पर बारीकी से जाँच जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है — “यह मामला बेहद संवेदनशील है। गले के कट के निशान, चाकू की बरामदगी, और घटनास्थल की स्थिति— सभी तथ्यों की गहराई से वैज्ञानिक जाँच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह आत्महत्या है या हत्या। किसी भी सूरत में आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
इस घटना के बाद सहारनपुर जिले में भी शोक की लहर है। शहर और गांव के लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक शिक्षित, नौकरीपेशा माँ को इतना भयावह अंत क्यों मिला? क्या यह अवसादजनित आत्महत्या है, प्रेम–प्रसंग, निजी रंजिश या तांत्रिक–ठगी जैसा षडयंत्र? फिलहाल पुलिस सच्चाई तक पहुँचने के लिए हर कोण पर जांच कर रही है।
✍🏼 रिपोर्ट: एलिक जॉन सिंह
सहारनपुर
समाचार संपादकीय सहयोग — वंदे भारत लाइव समाचार












