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संतकबीरनगर: दर्जनों मुकदमे, कई में सजा भी! फिर भी सरकारी गनर मिला, शायद स्कीम है — अपराध करो, सुरक्षा पाओ।।

।।‌ सरकारी गनर प्राप्त गुंडा एक्ट के आरोपी को 01 साल की सजा और 01 करोड़ 36 लाख का जुर्माना सिविल जज ने सुनाया फैसला ।।

अजीत मिश्रा (खोजी)

⭐ सिविल जज सीनियर डिवीजन “सुनील कुमार सिंह” ने धारा 138 के 5 अलग अलग मामलों में सुनाई सजा।

 ⭐ महुली थाने के भिटहां गांव निवासी हैं आरोपी संतोष चतुर्वेदी ।

14 दिसंबर 25, उत्तर प्रदेश।

संत कबीर नगर ।। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) सुनील कुमार सिंह पंचम ने शुक्रवार को चेक बाउंस मामले में सरकारी गनर प्राप्त एक आरोपी को 1 साल की सजा और 1 करोड़ 36 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। अर्थदंड न जमा करने पर 6 महीने के अतिरिक्त सजा का हुक्म दिया है। आरोपी महुली थाना क्षेत्र के ग्राम भिटहा का निवासी है। बालू घाट पर मैनेजर के पद पर रहते हुए जहां लाखों रुपए का हेर फेर करने और बालू सप्लाई के नाम पर एडवांस लेने का आरोप लगा था। देनदारों के दवाब बनाने पर आरोपी द्वारा दिया गया चेक बाउंस हो गया था। जिसके खिलाफ महुली थाना क्षेत्र के ग्राम मझौवा एगडंगा निवासी सुनील कुमार मौर्य, धनघटा थाना क्षेत्र के ग्राम निरंजनपुर माधोपुर निवासी प्रत्युष कुमार, ग्राम नीबा होरिल निवासी गुलाब चौधरी, तामा खास निवासी बलराम यादव और ग्राम बलही निवासी अभयनंद सिंह द्वारा दाखिल किए गए अलग अलग प्रत्यावेदन में न्यायालय ने सजा सुनाई। न्यायालय में दाखिल प्रत्यावेदन में बलराम यादव ने बताया कि वर्ष 2021 में उनके नाम से धनघटा तहसील क्षेत्र में बालू भंडारण का पट्टा आवंटित हुआ था। उसमे बेरोजगारी का हवाला देते हुए संतोष चतुर्वेदी पुत्र रणजीत चतुर्वेदी ने रोजगार देने की मांग किया था। जिस पर उन्होंने आरोपी को 9 हजार रुपए प्रति माह के वेतन पर मैनेजर के रूप में रख लिया। बाद में उक्त आरोपी ने 78 लाख रुपए का हिसाब नही दिया। दबाब बनाने पर जमीन, कार और अन्य वाहन खरीदने की बात कह कर 67 लाख रुपए का चेक दिया। बैंक में चेक लगाने पर बाउंस हो गया। इसी तरह आरोपी ने सुनील मौर्य, प्रत्युष कुमार, गुलाब चौधरी और अभय नंद सिंह से बालू सप्लाई के नाम पर लाखों रुपए की वसूली किया। उक्त देनदारो ने भी जब दबाव बनाया तो उन्हें भी चेक जारी किया था। चेक बाउंस होने के बाद उक्त देनदारो ने भी न्यायालय से न्याय की गुहार लगाई थी। न्यायालय ने शुक्रवार को न्यायिक परीक्षण में आरोप सही पाए जाने पर आरोपी संतोष चतुर्वेदी के खिलाफ अलग अलग मामलों में एक साल के कारावास की सजा और कुल 1 करोड़ 36 लाख रुपए जुर्माना की सजा सुनाए। साथ ही अर्थदंड का भी फरमान सुनाया। अर्थदंड नही देने पर 6 महीने के अतिरिक्त कारावास की सजा का भी आदेश दिया। सूत्रों की माने तो उक्त संतोष चतुर्वेदी को महुली पुलिस और धनघटा तहसील प्रशासन ने समाज के प्रति खतरा बताते हुए उसके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई किए जाने की सिफारिश किया था। जिसे पुलिस अधीक्षक की संतुति के बाद जिलाधिकारी के पास विचरण के लिए भेज दिया गया। सरकारी गनर प्राप्त गुंडा को धारा 138 के तहत करोड़ों रुपए के जुर्माने और एक वर्ष के कारावास की हुई सजा की चर्चा क्षेत्र में जोरो पर है।  

।। IPC के डेढ़ दर्जन गंभीर मुकदमे का वांछित भी है सरकारी गनर धारी गुंडा एक्ट का आरोपी,पीड़ित ने IG बस्ती को लिखा पत्र ।।

⭐ न्याय मिला तो करोड़ों की धोखाधड़ी के शिकार पीड़ितों ने न्यायालय को ज्ञापित किया धन्यवाद।

⭐ आरोपी संतोष चतुर्वेदी द्वारा मिले गनर से रौब परेशान पीड़ित ने सरकारी गनर वापस लेने की किया मांग। वर्षों की कानूनी जद्दोजहद के बाद जब जिले के सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने फ्रॉड के आरोपी को सजा सुनाई तो फरियादियों ने न्यायालय का आभार जताया। रविवार को न्यायालय से मिले न्याय पर प्रसन्नता व्यक्त करते पीड़ितों ने इसे न्याय की जीत बताया। वहीं फ्रॉड के मामले में सजायाफ्ता पाए गए सरकारी गनर धारी गुंडा एक्ट के आरोपी की डेढ़ दर्जन गंभीर धाराओं के मुकदमे की केस हिस्ट्री का सिलसिलेवार उल्लेख करते हुए एक पीड़ित ने आईजी बस्ती को पत्र लिख कर सरकारी गनर हटाने की मांग किया है। जिला पंचायत अध्यक्ष बलराम यादव के बालू भंडारण केंद्र के तत्कालीन मैनेजर/कैशियर संतोष चतुर्वेदी ने श्री यादव सहित 5 लोगों से वर्ष 2021 में करोड़ों रुपए का फ्रॉड किया था। धारा 138 के तहत सभी पीड़ितों ने सिविल जज सीनियर डिवीजन के न्यायालय में अपनी धनराशि वापस दिलाने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर प्रत्यावेदन दाखिल किया था। बीते 12 दिसम्बर को न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह पंचम ने न्यायिक परीक्षण के बाद आरोपी महुली थाना क्षेत्र के ग्राम भिटहा निवासी संतोष चतुर्वेदी पुत्र रणजीत चतुर्वेदी को 5 अलग अलग मामले में सवा करोड़ से अधिक का जुर्माना और एक साल की सजा का फैसला सुनाया। न्यायालय का आदेश आने पर पीड़ितों ने इसे सत्य की जीत बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त किया। जिला पंचायत अध्यक्ष बलराम यादव ने कहा कि एक बेरोजगार को रोजगार देना उनके लिए अभिशाप बन गया था। फिलहाल न्यायालय ने गबन के आरोपी को सजा सुना कर सत्य की जीत को प्रमाणित किया है। ग्राम बलही निवासी पीड़ित अभयनंद सिंह और ग्राम नीबा होरिल निवासी गुलाब चौधरी ने न्यायालय को धन्यवाद देते हुए लगभग 5 साल बाद मिले न्याय का स्वागत किया है। गुंडा एक्ट के आरोपी सजायाफ्ता संतोष चतुर्वेदी के चोरी, लूट, धोखाधड़ी जैसे गंभीर धाराओं से सजी लगभग डेढ़ दर्जन मुकदमों वाली क्राइम हिस्ट्री का उल्लेख करते हुए महुली थाना क्षेत्र के ग्राम नीबा होरिल निवासी सुरेंद्र चौरसिया पुत्र जय प्रकाश ने आईजी बस्ती को एक प्रार्थना पत्र भी भेजा है। सुरेंद्र चौरसिया ने आरोप लगाया है कि आरोपी संतोष चतुर्वेदी सरकारी गनर का लगातार दुरुपयोग कर रहा है। भीड़ भाड़ वाले जगह पर वर्दीधारी गनर की धौंस जमाता है। शिकायतकर्ता की लगातार फसल नष्ट कराता है। ऐसे में उन्होंने मांग किया कि लगभग डेढ़ दर्जन मुकदमों के वांछित और गुंडा एक्ट के आरोपी सजायाफ्ता संतोष चतुर्वेदी को मिली सुरक्षा तत्काल हटाई जाय। सुरेंद्र चौरसिया द्वारा भेजे गए प्रार्थना पत्र के अनुसार संतोष चतुर्वेदी पर महुली थाने में कुल 11 मुकदमों के अलावा एसीजेएम न्यायालय में 6 मुकदमे विचारणीय हैं।

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