
रांची आदिवासी छात्र संघ को आदिवासी छात्र संघ केन्द्रीय समिति(स्थापित 8 जुलाई 2000 ई.)का एक प्रतिनिधि मंडल माननीय कल्याण मंत्री श्री चमरा लिण्डा से औपचारिक मुलाकात कर धन्यवाद एवं बधाई दिया। संघ ने कहा कि हिन्दपीढ़ी में खोले गये दिशोम गुरु शिबू सोरेन एनईईटी जेईई (NEET, JEE) कोचिंग संस्थान गरीब आदिवासी समुदाय के बच्चों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।इसके लिए हेमन्त सरकार बधाई के पात्र हैं।
आदिवासी छात्र संघ की पुरानी मांगें सरकार धीरे-धीरे पूरा कर रही है।अलग राज्य गठन के बाद से छात्र संघ आंदोलन चलाया है। चाहे 60% आरक्षण की मांग, 1932 का खतियान आधारित स्थानीय नीति की मांग,भुरिया समिति की सिफारिश आधारित पेसा (PESA)कानून की मांग, जनगणना कॉलम में सरना धर्म कोड की मांग,कुरमी को आदिवासी बनने से रोकने का आंदोलन तथा परिसीमन के खिलाफ आंदोलन ही क्यों न हो, आदिवासी छात्र संघ ने जोरदार आंदोलन चलाया है।
माननीय मंत्री चमरा लिण्डा ने कहा कि हिन्दपीढ़ी स्थित यह संस्थान मारंग गोमके जयपाल सिंह मुण्डा,ठेबले उरांव,शिबू सोरेन तथा अन्य सभी महापुरुषों को समर्पित है ताकि शोषित पीड़ित आदिवासी समुदाय के बच्चे डॉक्टर,इंजीनियर बन पाएं। उन्होंने कहा यूपीएससी की तैयारी हेतु दिल्ली में सरकार द्वारा भवन लिया जा रहा है जहां चिन्हित बच्चों को जगह दिया जाएगा और झारखंड सरकार द्वारा खर्च वहन किया जाएगा। हिंदपीढ़ी की तर्ज पर और भी संस्थान खोले जाने की बात कहीं इसके लिए पांच जिलों को चिन्हित किया गया है इसके अलावा अन्य पदाधिकारी बनने के लिए कल्याण विभाग जमीन चिन्हित कर रही है।माननीय मंत्री ने कहा कि मेरा सपना एक कुशल पदाधिकारी बनाना था परंतु नहीं हो सका,आने वाली पीढ़ी के बच्चों को बनाना है ताकि परिवार,समाज तथा राज्य की भलाई हो सके।
आज के प्रतिनिधिमंडल में प्रेम प्रकाश मिंज,सतीश कुमार भगत,डॉक्टर सुशील कुमार मिंज,सुरेश टोप्पो,डॉक्टर सत्यनारायण उरांव,महावीर उरांव, सिद्धू मरांडी आदि शामिल थे।यह जानकारी समाजसेवी शिव किशोर शर्मा ने दी है।
हेल्पलाइन नंबर: 6207862869



